नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बिहार के नालंदा जिले के एक सरकारी स्कूल में दोपहर का भोजन करने के बाद लगभग 60 छात्रों के बीमार पड़ने की मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 21 मई की थी, जब सरकारी स्कूल के छात्रों ने दोपहर का भोजन करने के बाद कथित तौर पर उल्टी, पेट दर्द, मतली और दस्त की शिकायत की। प्रभावित छात्रों को इलाज के लिए पास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
खबरों के अनुसार, शिक्षकों द्वारा चखे बिना ही छात्रों को भोजन परोसा गया, जिसे खाकर कई छात्र बीमार पड़ गए। इसके बाद, एक शिक्षक ने भी भोजन का सेवन किया और वह भी बीमार पड़ गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इस ताजा घटना ने बिहार में मध्याह्न भोजन योजना के तहत आने वाले सरकारी स्कूलों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
वहीं, इससे पहले, फरवरी 2025 में, नालंदा के हरनौत ब्लॉक में स्थित श्री चांदपुर प्राथमिक विद्यालय के कम से कम 60 छात्र दोपहर के भोजन के बाद बीमार पड़ गए थे, जिनमें से कई ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की थी।
इसी साल मई में सामने आई एक अन्य घटना में, सहरसा जिले के एक सरकारी स्कूल में दोपहर का भोजन करने के बाद 250 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों ने बाद में कहा कि सभी प्रभावित छात्रों की हालत स्थिर है, जबकि संदिग्ध खाद्य के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है।
मानवाधिकारों के सर्वोच्च निकाय को मानवाधिकार उल्लंघन की औपचारिक शिकायत प्राप्त किए बिना भी मीडिया रिपोर्टों, सार्वजनिक जानकारी या अन्य स्रोतों के आधार पर स्वतः संज्ञान (स्वयं की पहल पर) लेने का अधिकार है।

