कोच्चि, 29 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर मई में हुए कथित हमले के आरोपी सीपीआई(एम) के सात कार्यकर्ताओं ने जमानत के लिए केरल हाईकोर्ट का रुख किया है। जमानत नहीं मिलने के कारण वे दो महीने से अधिक समय से जेल में बंद हैं। इस मामले को लेकर केंद्रीय एजेंसी के साथ एक हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है क्योंकि ईडी उनकी रिहाई का विरोध कर रही है।
30 जुलाई और 4 अगस्त के बीच जिन जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होनी है, वे सेशन कोर्ट द्वारा आरोपी की जमानत अर्जियां दो बार खारिज किए जाने के बाद दायर की गई हैं।
ईडी ने इन जमानत याचिकाओं का विरोध करने के लिए असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल को नियुक्त करने का फैसला किया है। वहीं, आरोपियों ने भी वरिष्ठ आपराधिक वकीलों की एक मजबूत कानूनी टीम तैयार की है।
हाईकोर्ट का रुख करने वालों में पांचवें आरोपी श्रीजीत, सातवें आरोपी अनिल कुमार, शफीक, किरण और निषाद जीवन के अलावा दो अन्य आरोपी भी शामिल हैं। कुल मिलाकर, सीपीआई(एम) के 24 कार्यकर्ता 60 दिन से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं।
आरोपियों ने कहा कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया है। उनका दावा है कि उनमें से कई लोगों की पहचान सिर्फ मीडिया रिपोर्टों के आधार पर की गई है।
उनका तर्क है कि हत्या की कोशिश का आरोप सही नहीं ठहरता क्योंकि न तो किसी हथियार का इस्तेमाल किया गया, न ही किसी को गंभीर चोट लगी। उन्होंने कहा कि कोई टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड नहीं कराई गई और ईडी के ड्राइवर को केवल मामूली चोटें आई थीं।
उन्होंने तर्क दिया कि हत्या के प्रयास का आरोप केवल मामले को गंभीर दिखाने के लिए लगाया गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि अभियोजन पक्ष आंशिक चार्जशीट तैयार कर रहा है। इस कदम से आरोपियों को कानूनी जमानत (स्टैच्यूटरी बेल) का दावा करने से रोका जा सकता है।
ईडी ने एक आरोपी को जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए अब कड़ा कानूनी रुख अपनाया है। यह विरोध तब किया गया, जब सरकारी वकील ने कथित तौर पर पुलिस रिपोर्ट से अलग रुख अपनाया था। उस जमानत को रद्द करने के लिए राज्य सरकार की याचिका भी हाईकोर्ट में लंबित है।
यह मामला मई के अंतिम सप्ताह में हुई हिंसक घटना से जुड़ा है। उस समय ईडी अधिकारियों ने विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के किराए के आवास पर तलाशी ली थी। यह तलाशी उनकी बेटी वीणा की बंद हो चुकी आईटी कंपनी सीएमआरएल-एक्सलॉजिक से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की गई थी।
तलाशी के बाद जब अधिकारी किराए की गाड़ियों से वहां से जा रहे थे, तो कथित तौर पर सीपीआई(एम) समर्थकों की भीड़ ने उनके काफिले पर हमला कर दिया। इस हमले में प्रवर्तन निदेशालय के कुछ कर्मचारी घायल हो गए और गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा था।
इस हफ्ते की शुरुआत में ईडी ने अभियान के दौरान इस्तेमाल की गई किराए की क्षतिग्रस्त गाड़ियों की मरम्मत के लिए 1.75 लाख रुपये का भुगतान किया।

