मुंबई, 27 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के बीड में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है, जहां एक नाबालिग बेटी को सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस होना चाहिए था, वहीं उसी घर में उसके साथ हैवानियत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
आरोप है कि 15 वर्षीय मासूम के साथ उसके ही चचेरे भाई और सगे दादा ने दरिंदगी की। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, खेत में बकरियां चराने के दौरान चचेरा भाई लगातार उसके साथ जबरदस्ती करता रहा। वहीं, घर में अकेले होने पर सगे दादा ने भी उसका शोषण किया।
हैरानी की बात ये है कि आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर लंबे समय तक चुप रहने पर मजबूर किया। इस दौरान यह मासूम अपने ही घर में अपनों के बीच डर, मानसिक प्रताड़ना और दर्द सहती रही, लेकिन जब शरीर की तकलीफ असहनीय हो गई, तब डॉक्टर के सामने उसने अपनी आपबीती सुनाई और इस दिल दहला देने वाले मामले का खुलासा हुआ।
एक तरफ महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। वहीं, दूसरी तरफ अगर बेटियां अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो समाज किस दिशा में जा रहा है? ये बड़ा सवाल अब खड़ा हो गया है। फिलहाल बीड के नेकनूर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पीड़ित बच्ची को शेल्टर होम भेजा गया है।
बता दें कि बुधवार को हैवानियत का एक इसी प्रकार का मामला झारखंड के जमशेदपुर से सामने आया, जहां परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह में एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। यह आरोप स्वास्थ्य विभाग के एक सरकारी कर्मचारी पर लगा है।
आरोपी की पहचान गम्हरिया के स्वास्थ्य विभाग (मलेरिया विभाग) में कार्यरत सरकारी कर्मी मुन्ना तामसी के रूप में हुई है। उसने पड़ोस में रहने वाली 15 साल की मासूम बच्ची को सोची-समझी साजिश के तहत बहला-फुसलाकर रात में अपने घर बुलाया। इसके बाद उसने बच्ची को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। देर रात जब डरी-सहमी बच्ची किसी तरह अपने घर पहुंची, तो खौफ के मारे वह चुप रही। हालांकि, सुबह होते ही पीड़िता ने अपनी बड़ी बहन के सामने आपबीती बयां की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

