Thursday, May 28, 2026
SGSU Advertisement
Home अपराध ईडी का बड़ा एक्शन, जमीन अधिग्रहण घोटाले में 45.84 करोड़ की संपत्ति...

ईडी का बड़ा एक्शन, जमीन अधिग्रहण घोटाले में 45.84 करोड़ की संपत्ति जब्त

0
8

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष न्यायालय (पीएमएलए), साकेत, नई दिल्ली के समक्ष एम/एस तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन, जवाद अहमद सिद्दीकी, विनोद कुमार और श्रीओम चौहान के खिलाफ एक अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। इन आरोपियों को जांच के दौरान ईडी ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

ईडी ने दिल्ली पुलिस द्वारा आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। ये एफआईआर नई दिल्ली के मदनपुर खादर गांव में स्थित खसरा संख्या 792 वाली जमीन के धोखाधड़ी से अधिग्रहण से संबंधित थी, जिसमें जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों, जिनमें जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) और अन्य स्वामित्व दस्तावेज शामिल हैं, का इस्तेमाल किया गया था।

ईडी की जांच में पता चला कि जिन जीपीए के आधार पर जमीन एम/एस तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन को ट्रांसफर की गई थी, उन पर 7 जनवरी 2024 की तारीख अंकित थी। जांच से यह भी सामने आया कि जमीन के कई मूल मालिक वर्ष 2004 से दशकों पहले ही दिवंगत हो चुके थे। इसके अलावा, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य ने मिलकर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए मूल मालिकों के हस्ताक्षर/अंगूठे के निशान जाली बनाने की साजिश रची थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ये जीपीए वर्ष 2012-13 में, एम/एस तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन को संपत्ति हस्तांतरित किए जाने से ठीक पहले जाली तरीके से तैयार किए गए थे। आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी ने अन्य आरोपियों की मिलीभगत से, जमीन पर किए गए इस अवैध कब्जे को एक वास्तविक लेनदेन के रूप में दिखाने के लिए बैंकिंग लेनदेन का एक दिखावा भी किया था।

जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध जमीन अधिग्रहण के लिए जवाद अहमद सिद्दीकी द्वारा भारी मात्रा में नकद लेनदेन किया गया था। इस मामले में शामिल अपराध से अर्जित संपत्ति का मूल्य लगभग 47.76 करोड़ रुपए आंका गया है।

ईडी ने उक्त जमीन को भी कुर्क कर लिया है, जिसका मूल्य 45.84 करोड़ रुपए है और जिस पर जवाद अहमद सिद्दीकी तथा एम/एस तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा था। ईडी द्वारा आगे की जांच अभी जारी है।