Thursday, May 28, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय नॉर्वे ने फ्रांस की परमाणु पहल का किया समर्थन, दोनों देशो के...

नॉर्वे ने फ्रांस की परमाणु पहल का किया समर्थन, दोनों देशो के बीच नया रक्षा समझौता

0
8

ओस्लो/पेरिस, 28 मई (आईएएनएस)। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने घोषणा की है कि उनका देश फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की परमाणु निवारण पहल में शामिल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले से नॉर्वे की परमाणु हथियारों संबंधी मूल नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।

बुधवार (स्थानीय समय) को स्टोरे, मैक्रों के साथ बातचीत के लिए पेरिस पहुंचे। नॉर्वे की मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह निर्णय यूरोप की वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है और अब यूरोप को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी अधिक उठानी चाहिए।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक स्टोरे ने दोहराया कि नॉर्वे की परमाणु नीति पहले जैसी ही रहेगी। उन्होंने कहा कि शांति काल में नॉर्वे अपने क्षेत्र में परमाणु हथियारों की तैनाती की अनुमति नहीं देगा। साथ ही फ्रांस के परमाणु हथियार कार्यक्रम को कोई वित्तीय सहायता नहीं देगा।

मार्च में मैक्रों ने फ्रांस के परमाणु शस्त्रागार को मजबूत करने और परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने की योजना की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि फ्रांस अपनी परमाणु प्रतिरोधक रणनीति को यूरोपीय साझेदारी और सामूहिक सुरक्षा के दायरे में लाना चाहता है। दरअसल फ्रांस अपनी परमाणु सुरक्षा नीति को केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित न रखकर, उसे पूरे यूरोप की सुरक्षा से जोड़ना चाहता है। स्वीडन, ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, ग्रीस और डेनमार्क सहित कई देशों ने इस पहल में रुचि दिखाई है।

बुधवार को नॉर्वे और फ्रांस ने पेरिस में एक नए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत दोनों देश आवश्यकता पड़ने पर एक-दूसरे को सैन्य सहायता प्रदान करेंगे।

एक समाचार वेबसाइट ओनेट के अनुसार, पिछले महीने फ्रांस और पोलैंड ने संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित करने पर चर्चा की थी, क्योंकि पेरिस चाहता है कि यूरोपीय सहयोगी उसके परमाणु निवारण ढांचे में भाग लें।

अप्रैल में उत्तरी पोलैंड के ग्दान्स्क में हुई बैठक के दौरान मैक्रों ने पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ इस विषय पर चर्चा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया।

परमाणु सहयोग के बारे में पूछे जाने पर मैक्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें सूचना साझा करना, संयुक्त सैन्य अभ्यास और बलों की संभावित तैनाती शामिल हैं।”

टस्क ने कहा था कि परमाणु सुरक्षा सहयोग पर बातचीत गोपनीय रूप से जारी है। फ्रांस के निमंत्रण को स्वीकार कर पोलैंड उस विशेष समूह का हिस्सा बन गया है जो यूरोपीय एकजुटता और संप्रभुता की आवश्यकता को समझता है।