नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। पूरे देश में गुरुवार को बकरीद उत्साह के साथ मनाई जा रही है। सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग मस्जिदों और ईदगाहों में इकट्ठा हुए और विशेष नमाज अदा की।
लोग पारंपरिक कपड़े पहनकर नमाज में शामिल हुए और अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों को बधाई दी।
लोगों ने कहा कि यह त्योहार ‘भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व’ का संदेश देता है। साथ ही यह करुणा, बलिदान और दान की भावना को भी याद दिलाता है।
कई शहरों में त्योहार शांतिपूर्वक मनाया जाए और कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ईद-उल-अजहा के मौके पर ऐतिहासिक जामा मस्जिद के आसपास दिल्ली पुलिस ने भारी सुरक्षा तैनात की। सुरक्षा कारणों से मस्जिद परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की पूरी जांच के बाद ही अंदर जाने दिया गया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
ईद-उल-अजहा, जिसे भारत में बकरीद के नाम से जाना जाता है, दुनियाभर के मुसलमानों के लिए बहुत धार्मिक महत्व रखता है। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की उस भक्ति और बलिदान को याद करता है, जब वे ईश्वर के आदेश का पालन करते हुए अपने बेटे की कुर्बानी देने को तैयार थे। यह अवसर अटूट आस्था, ईश्वर के प्रति आज्ञाकारिता, कृतज्ञता, करुणा, क्षमा, बलिदान और दान का प्रतीक है।
हालांकि बकरीद गुरुवार को भारत के अधिकतर हिस्सों में मनाई जा रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर सहित कुछ क्षेत्रों में यह बुधवार को मनाई गई।
ईद-उल-अजहा की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। इस वर्ष भारत के कई हिस्सों में धार्मिक अधिकारियों ने बताया कि धुल-हिज्जा का चांद तय समय पर नहीं दिखा। इसलिए इस्लामी महीने की शुरुआत एक दिन आगे बढ़ गई, जिसके कारण देश के अधिकांश राज्यों में बकरीद 28 मई को मनाई जा रही है।

