नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा और कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों के वितरण की व्यवस्था, एनटीए पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कर्नाटक नेतृत्व की बैठक और ईंधन भंडार प्रबंधन पर सरकार के निर्देशों पर अपनी राय व्यक्त की। दोनों नेताओं ने नीट परीक्षा के लिए वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल और तरह-तरह के कदम उठाने के दावे को सिर्फ भाजपा सरकार का नाटक बताया।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्दारमैया के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आईएएनएस से कहा, “हमारी पार्टी बहुत पुरानी, बहुत अनुशासित और बहुत अनुभवी है। हमारे नेता बहुत अनुभवी हैं। जिस बदलाव को लेकर सब इतने हैरान हैं, वह हर बार होता आया है। 140 साल पुरानी पार्टी अन्य राजनीतिक दलों को जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी समझते हैं, यह सिखा सकती है कि लाठी-डंडे के बल के बिना प्रेम और स्नेह से साथ बैठकर रास्ते खोजे जाते हैं, समाधान ढूंढे जाते हैं और समस्याओं का हल निकाला जाता है।”
नीट के पेपर लीक मामले पर पवन खेड़ा ने कहा, “हमारे युवाओं, बच्चों के साथ इससे बड़ा क्रूर मजाक और क्या हो सकता है? अब तक हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। अगली बार जब पेपर लीक होगा, तो हम राजनाथ सिंह के इस्तीफे की मांग करेंगे क्योंकि अब तो वायुसेना के विमानों से पेपर लाने की तैयारी है। हम प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे, जो घोटाला होने के बाद निगरानी करने आते हैं। घोटाला होने से पहले निगरानी क्यों नहीं करते।”
एनटीए पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उन्होंने कहा, “उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को अपने जवाब में बताया है कि प्रधानमंत्री निगरानी कर रहे हैं। आज हम फिर से पूछ रहे हैं कि लाखों बच्चों के भविष्य के लिए कौन जवाबदेह होगा जो आज बर्बाद हो गया है? क्या यह पीढ़ी 2047 तक इंतजार करेगी? उनका नुकसान आज हो चुका है।”
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने कहा, “नीट परीक्षा के लिए वायु सेना के विमानों की मदद लेने और तरह-तरह के कदम उठाने की ये सारी बातें महज नाटक हैं। आज असली सवाल ये है, हमने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) से जुड़े लीक देखे हैं और इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? एक ही व्यक्ति है, जिसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और वो हैं धर्मेंद्र प्रधान। सबसे पहले प्रधानमंत्री को उनका इस्तीफा मांगना चाहिए। उसके बाद ही हम आगे बढ़ सकते हैं। हर लोकतंत्र में जवाबदेही का सिद्धांत होता है। किसी न किसी को तो जिम्मेदारी लेनी ही पड़ती है और इस मामले में धर्मेंद्र प्रधान को पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। 2014 से सत्ता में आई भाजपा सरकार के शासन में हमने एक बात देखी है कि कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेता। बताइए, किस मंत्री ने इस्तीफा दिया है?”
केरल में वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा को ध्रुवीकरण की राजनीति बंद करनी चाहिए। जहां तक ’वंदे मातरम’ की बात है, हम सब इसे गाते हैं। मैं भी गाती हूं। हमारी डीसीसी बैठकों में हम हर बार इसकी पहली चार-पांच पंक्तियां गाते हैं और यह हमेशा से हमारी परंपरा रही है। अब इसे क्यों बदलें? हम इसे इसी तरह गाते रहेंगे। वे हमें क्या करने और कैसे करने का निर्देश देने वाले कौन होते हैं? हम अपने फैसले खुद लेंगे और तय करेंगे कि चीजें कैसे की जानी चाहिए। सुबह से शाम तक वे हिंदू, मुसलमान और वंदे मातरम की बात करते रहते हैं। देश के सामने इतने सारे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। क्या उन्हें पता है कि पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं, जीवन मुश्किल हो गया है।”
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाने पर शमा मोहम्मद ने कहा, “यह अच्छी बात है। राहुल गांधी ने सही फैसला लिया है। सभी खुश हैं और सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से होगा। हम एक सक्षम नेता को मुख्यमंत्री बना रहे हैं, जिसे जनता चाहती है और पार्टी कार्यकर्ता समर्थन करते हैं। इसके विपरीत, हमने देखा है कि भाजपा कैसे कमजोर लोगों को मुख्यमंत्री बना देती है।”

