Sunday, May 31, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय ‘प्रगति 2026’ सैन्य अभ्यास का सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ सफल समापन

‘प्रगति 2026’ सैन्य अभ्यास का सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ सफल समापन

0
4

शिलांग, 30 मई (आईएएनएस)। भारतीय सेना के बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास प्रगति 2026 (आईओआर में विकास और रूपांतरण हेतु क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी) का सफल समापन मेघालय के उमरोई में हुआ। इस अभ्यास के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सहभागी देशों ने अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

भारतीय सेना ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास के समापन समारोह और अंतिम वैलिडेशन अभ्यास में सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, विभिन्न देशों के उप सेना प्रमुखों और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह ‘प्रगति 2026’ के पहले संस्करण का सफल समापन था, जिसे एक ऐतिहासिक बहुराष्ट्रीय सैन्य पहल माना जा रहा है।

दो सप्ताह तक चले इस अभ्यास में 12 मित्र देशों के 400 से अधिक सैनिकों ने भाग लिया। इनमें भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम शामिल रहे। अभ्यास का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग, सैन्य समन्वय और विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को बढ़ावा देना था।

अभ्यास के दौरान सहभागी देशों के सैनिकों ने अर्ध-पहाड़ी और जंगल वाले क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। साथ ही, विभिन्न सैन्य टुकड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक रणनीतियों पर मिलकर काम किया।

भारतीय सेना की इंजीनियर्स कोर की अधिकारी मेजर सुस्मिता एस. वारियर ने बताया कि अभ्यास के दौरान काउंटर-आईईडी ऑपरेशन, रूम इंटरवेंशन ड्रिल, एमवीसीपी ड्रिल तथा आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का अभ्यास किया गया।

इस अवसर पर सहभागी देशों को भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और रक्षा निर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन भी दिखाया गया। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और भविष्य की सैन्य जरूरतों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी मजबूती मिली।

‘प्रगति 2026’ ने न केवल सैन्य सहयोग को बढ़ावा दिया, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा जिम्मेदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान की।