मॉस्को, 30 मई (आईएएनएस)। रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम के डायरेक्टर जनरल एलेक्सी लिखाचेव ने बताया कि शनिवार दोपहर को एक यूक्रेनी लड़ाकू ड्रोन ने जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट (एनपीपी) की यूनिट 6 के टर्बाइन हॉल पर हमला किया।
जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट (एनपीपी) यूरोप में सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है और कुल क्षमता के हिसाब से दुनिया में तीसरा है।
लिखाचेव ने एक बयान में कहा, “आज दोपहर एक यूक्रेनी लड़ाकू ड्रोन ने यूनिट 6 की टर्बाइन बिल्डिंग पर हमला किया, जिससे बाद में धमाका हुआ। धमाके से मेन इक्विपमेंट को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इससे टर्बाइन की दीवार में एक छेद हो गया। यह ध्यान देने वाली बात है कि ड्रोन को फाइबर ऑप्टिक्स से कंट्रोल किया गया था। इससे किसी एक्सीडेंटल इम्पैक्ट की संभावना पूरी तरह से खत्म हो जाती है।”
रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी तास ने बताया कि लिखाचेव के मुताबिक, यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुदाय के इतिहास में किसी न्यूक्लियर पावर प्लांट के मेन इक्विपमेंट पर पहला टारगेटेड हमला है।
उन्होंने कहा, यूक्रेनी सेना बार-बार न सिर्फ रेड लाइन, बल्कि कॉमन सेंस की हदें भी पार कर रही है। हमें आगे क्या उम्मीद करनी चाहिए? सीधे टर्बाइन पर हमला? रिएक्टर हॉल पर? रिएक्टर और उसके सेफ्टी सिस्टम पर?”
उनके अनुसार, दुनिया एक ऐसी घटना के एक कदम और करीब है जिसका असर रूस और यूक्रेन से बहुत दूर रहने वाले लोगों पर भी पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “हम बार-बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान यूक्रेनी पक्ष के बहुत खतरनाक बर्ताव की ओर दिलाते हैं। ऐसा लगता है कि बहुत से लोग न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए हमलों को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन आज, हम एक ऐसी घटना के एक कदम और करीब हैं जिसका असर शायद रूस और यूक्रेन से बहुत दूर रहने वाले लोगों पर भी पड़ेगा, जो अब भी सोचते हैं कि वे पूरी तरह से सेफ हैं।”
इस महीने की शुरुआत में, जापोरिज्जिया एनपीपी की बाहरी रेडिएशन मॉनिटरिंग लैब पर यूक्रेनी सेना ने ड्रोन से हमला किया था।

