Tuesday, June 2, 2026
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सीएम योगी के बयान ‘गाय राष्ट्रीय पशु नहीं’ का अयोध्या के साधु-संतों ने किया समर्थन, बोले- गौमाता राष्ट्रीय धरोहर

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अयोध्या, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर बयान देने वाले मौलाना-मौलवियों पर तीखा निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि गाय हिंदू समाज के लिए सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि माता है और माता तथा पुत्र के रिश्ते को किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। सीएम योगी के इस बयान पर सीताराम दास महाराज, तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंसाचार्य, हरीश दास और डॉ. देवेशाचार्य महाराज समेत कई साधु-संतों ने अपने विचार व्यक्त किए।

साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “योगी आदित्यनाथ ने जो कहा है, वह सौ फीसदी सही है। गौमाता विश्व की माता हैं। संपूर्ण देवी-देवताओं का वास गौमाता में होता है। गौमाता की नाभि में अमृत होता है और वह रुद्रों की भी मां हैं। गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले मौलाना-मौलवियों की बुद्धि पशुत्व वाली है। जिसकी गौमाता के प्रति निष्ठा और सम्मान नहीं है, वह सिर्फ उकसाने और समाज में दुर्भावना पैदा करने की कोशिश करता है। गौमाता स्वघोषित माता हैं। गौमाता को आंख दिखाने वाले की आंख निकाल ली जाएगी।”

तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने कहा, “गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले मौलाना-मौलवियों को योगी आदित्यनाथ ने बता दिया है कि यदि सनातन की जानकारी नहीं है और मजहबी बुद्धि है, तो पहले सनातन के विषय में जानो। इस तरह का विरोधाभासी दृष्टिकोण, जिसमें व्यक्ति परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदलता है, विचार और समझ में असंगति को दर्शाता है। गिरगिट की तरह रंग बदलने वालों को सीएम योगी ने बताया है कि प्राचीलकाल से ही वेदों में गाय को माता का स्थान दिया गया है। इसलिए गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए गौवंश को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की जरूरत है। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वालों की सोच ठीक नहीं है। सीएम योगी के साथ पूरा सनातन धर्म है।”

हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य महाराज ने कहा, “हम सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हैं। गाय कोई पशु नहीं है, हमारी माता है। माता को पशु घोषित करने की मांग के पीछे एक साजिश है। गौमाता को पशु कहकर दुर्व्यवहार किया जाएगा। जब तक प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ हैं, तब तक ऐसा नहीं हो सकता। मैं मांग करता हूं कि गौमाता को राष्ट्रीय धरोहर और माता घोषित किया जाए। जो गौमाता को पशु कहे, उसे दंडित किया जाए और इसको लेकर कठोर कानून बनाया जाए।”

हनुमानगढ़ी के महंत हरीश दास ने कहा, “सीएम योगी आदित्यनाथ के फैसले और बयान प्रशंसनीय हैं। योगी आदित्यनाथ सभी धर्मों का सम्मान कर रहे हैं। वह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि सभी का सम्मान कर रहे हैं। वह पापियों, दुराचारियों और गुंडों पर कार्रवाई कर रहे हैं। गाय में 33 करोड़ देवी-देवता समाहित हैं। कुछ तथाकथित साधु भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे लोगों से कहना चाहता हूं कि पहले ज्ञान लें, फिर साधु बनें।”