चेन्नई, 2 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के तमिलनाडु अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने थूथुकुडी जिले के यौन उत्पीड़न मामले को लेकर मंगलवार को राज्य की सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम लगातार गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में नैनार नागेंद्रन ने उन खबरों पर चिंता जताई, जिनमें आरोप लगाया गया है कि थूथुकुडी जिले के श्रीवैकुंठम में एक युवती के साथ हुए यौन उत्पीड़न मामले में टीवीके के दो पदाधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है।
उन्होंने कहा कि इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार की क्षमता पर भी चिंता जताई है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से टीवीके के नेताओं और कार्यकर्ताओं से जुड़ी शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे आरोप लगते थे, लेकिन अब यौन उत्पीड़न और हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी उनके नाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री और टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए नैनार नागेंद्रन ने कहा कि उन्हें प्रचार गतिविधियों पर ध्यान देने के बजाय शासन और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने विजय से अपील की कि वे तुरंत ऐसे कदम उठाएं, जिससे लोगों को अपराधियों से सुरक्षा मिल सके, चाहे उनका किसी भी राजनीतिक दल से संबंध क्यों न हो।
नागेंद्रन ने कहा कि लंबी-लंबी जनसभाओं में भाषण देने के बजाय मुख्यमंत्री को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए और तमिलनाडु के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। ऐसे मामलों में जब किसी गंभीर अपराध की जानकारी सामने आती है, तो सरकार को तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा नेता ने राज्य मंत्रिमंडल की संरचना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों को मंत्री बनाया गया है, जिन पर आपराधिक मामलों के आरोप हैं। उनका कहना था कि ऐसे फैसलों से समाज में गलत संदेश जाता है और अपराध पर रोक लगाने के प्रयास कमजोर पड़ते हैं।
नागेंद्रन ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे लोगों को सत्ता और जिम्मेदारी वाले पद दिए जाएंगे तो अपराधों पर कैसे रोक लगेगी? उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले कानून तोड़ने वालों को हतोत्साहित करने के बजाय गलत संदेश देते हैं।
नागेंद्रन ने आगे आरोप लगाया कि टीवीके सरकार शासन और प्रशासन पर ध्यान देने के बजाय अपनी छवि सुधारने और राजनीतिक प्रचार में अधिक रुचि ले रही है।
उन्होंने कहा कि हाल की घटनाएं दिखाती हैं कि सरकार और प्रशासन सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों को प्रभावी ढंग से संभालने में नाकाम रहे हैं। उनके अनुसार, यह प्रशासनिक अनुभव और तैयारी की कमी को भी दर्शाता है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की गंभीरता और उन पर तुरंत कार्रवाई की जरूरत को समझते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय लग सकता है, लेकिन अपराध के मामलों में कार्रवाई तेज और प्रभावी होनी चाहिए।

