लखनऊ, 3 लखनऊ (आईएएनएस)। यूपी सरकार में मंत्री अनिल राजभर, संजय निषाद और दानिश आजाद ने संदीप सिंह हत्याकांड, इंडिया ब्लॉक की बैठक, सीबीएसई तबादलों समेत प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रमों पर आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपनी राय दी।
लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप हत्याकांड पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “मेरे पास सबूत है, समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को बदनाम करने की साजिश रच रही है। अगर एक-दो घटनाएं होती हैं तो बात अलग है लेकिन हर बड़ी घटना के पीछे किसी न किसी सपा कार्यकर्ता या नेता का नाम सामने आता है। जब सरकार कार्रवाई करती है, तो वे रोना रोते हैं कि किसी विशेष धर्म या जाति को निशाना बनाया जा रहा है।”
सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के तबादलों पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “सरकार ने पहले दिन से ही कहा है कि जिसकी भी लापरवाही साबित होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई हमारे देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्था की जांच कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। कार्रवाई जारी है।”
8 जून को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “इसमें कोई गंभीरता नहीं है। पश्चिम बंगाल के चुनाव अभी हुए हैं, क्या उन्होंने तब इंडिया ब्लॉक की बात की थी? इंडिया ब्लॉक का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने एक निरर्थक तमाशा खड़ा किया है।”
संदीप हत्याकांड पर मंत्री संजय निषाद ने कहा, “अपराधी किसी विशेष जाति का नहीं होता, लेकिन अपराधी राजनीति में मौजूद हैं और सभी दलों में घुसपैठ कर चुके हैं। हालांकि यह देखा गया है कि जब भी कोई घटना घटती है तो सामने आने वाले अधिकांश नाम विपक्ष से संबंधित होते हैं।”
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, लखनऊ में संदीप सिंह की हत्या का खुलासा हुआ तो पता चला कि आरोपी समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। समाजवादी पार्टी का असली चाल-चरित्र और चेहरा यही है। 2011-2017 तक सपा ने प्रदेश को दंगाइयों और अपराधियों के हाथ में सपा सरकार ने किया था। सपा ने हमेशा गुमराह कर उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकी हैं। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में कानून-व्यवस्था मजबूत है। अपराधमुक्त प्रदेश बनाने के लिए पूरी गंभीरता और ईमानदारी के साथ सीएम मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं।”
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “यह सच है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी, भाजपा का विरोध करते हुए भारत का ही विरोध करने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता भारत पर सवाल उठा रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम सबके लिए देश सर्वोपरि होना चाहिए।”

