बलिया, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी की हत्या के मामले में आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह ‘मोनू’ ने एक अलग गैंगस्टर मामले में बलिया की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह के वकील ने हत्या की जांच में उसकी संलिप्तता से इनकार किया।
आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह ‘मोनू’ की पत्नी गरिमा सिंह ने आईएएनएस से बताया कि गैंगस्टर केस में ज्ञानेंद्र सिंह ने सरेंडर किया है। सीबीआई घर आकर डीवीआर ले गई है। हमने सीबीआई की टीम को डीवीआर दे दिया है। हमारे घर पर सीबीआई की टीम तीन-चार बार आ चुकी है। सीबीआई की ओर से जानकारी नहीं दी गई है कि वह किस मामले में पूछताछ करने आ रही है।
वायरल वीडियो को लेकर गरिमा सिंह ने कहा कि वीडियो देखने के बाद इतनी जानकारी हो गई है कि उनको झूठे तरीके से फंसाया गया है। गांव के ही मुकेश सिंह फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। बंगाल केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उस मामले में नाम तो नहीं है लेकिन फंसाने के लिए षड्ययंत्र किया जा रहा है। अगर हम निर्दोष हैं तो हमको न्याया दिलाया जाए। मुझे पूरा विश्वास है कि सीबीआई जो भी जांच करेगी सही जांच करेगी। प्रशासन पर विश्वास नहीं है।
आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह के वकील ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि ज्ञानेंद्र सिंह ‘मोनू’ के खिलाफ गैंगस्टर एक्स का वारंट जारी किया गया था। इसी मामले में उन्होंने सरेंडर किया है। वकील ने कहा कि बंगाल केस में इनका नाम आ रहा है। पूछताछ के लिए सीबीआई इनके घर दबिश दे रही थी। सीबाआई ज्ञानेंद्र सिंह के घर से सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर ले गई है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में हुए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू का नाम एक मुख्य आरोपी के रूप में चर्चा में आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े पाए गए हैं।

