Friday, June 5, 2026
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भारत और ब्रिटेन भविष्य को ध्यान में रखकर आपसी फायदे वाली साझेदारी बनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं: विदेश मंत्री जयशंकर

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नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों की सराहना करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि दोनों देश एक नए भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई और आपसी फायदे वाली साझेदारी बनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

गुरुवार को नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर के साथ अपनी मीटिंग के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत-ब्रिटेन के संबंधों में हुए बड़े बदलावों पर जोर दिया, जिसमें पिछले साल अक्टूबर में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का भारत दौरा और पिछले साल जुलाई में पीएम नरेंद्र मोदी का ब्रिटेन दौरा शामिल है।

मीटिंग के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री, ब्रिटेन में भारत के हाई कमिश्नर पी कुमारन और दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “आज आपकी मौजूदगी हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि और इसकी प्रक्रिया को समीक्षा करने का मौका दोनों है। अब, हमारा संबंध आज एक ऐतिहासिक और शायद सांस्कृतिक जुड़ाव से आगे बढ़कर साझा आर्थिक लक्ष्य और उच्च तकनीक के आगे बढ़ने वाले हाईवे में बदल गया है।”

उन्होंने कहा, “पिछले साल हमारे द्विपक्षीय संबंधों में सच में कुछ खास विकास हुए, जिसकी पहचान कुछ ही महीनों के अंदर प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टार्मर के दो-तरफा दौरे से हुई। व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) पर हस्ताक्षर करने और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को अपनाने के साथ ही रक्षा उद्योग का रोडमैप भी बना।”

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वह और कूपर विकास, तकनीक और इनोवेशन, रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा और शिक्षा के सभी पांच स्तंभ के तहत भारत ब्रिटेन विजन 2035 पर चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा, “आज हम एक नई फ्यूचर-ओरिएंटेड और आपसी फायदे वाली साझेदारी बनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। सीईटीए बेशक कई देशों की चिंताओं को दूर करता है, जिसमें हमारी चिंता भी शामिल है, जैसे कि मजबूत सप्लाई चेन बनाना और व्यापार, ऊर्जा, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करना। आज की मीटिंग ग्रोथ, तकनीक और इनोवेशन, रक्षा और सुरक्षा, क्लाइमेट और क्लीन ऊर्जा के साथ-साथ शिक्षा के सभी पांच स्तंभों के तहत भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पर चर्चा करने का एक मौका होगी।”

भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पर हुए विकास को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “मैं इस मौके पर विजन 2035 पर हाल ही में हुई कुछ खास प्रोग्रेस को पहचानना चाहूंगा, जिसमें सीईटीए पर हस्ताक्षर करना, तकनीकी सुरक्षा पहल, रक्षा उद्योग के रोडमैप को अपनाना, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी स्टार्टअप फंड, ऑफशोर विंड एनर्जी टास्क फोर्स और ब्रिटेन से विश्वविद्यालयों का भारत आना शामिल है, जिनमें सबसे नया यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल है, जिसके फैसले की आज घोषणा की गई।”