Friday, June 5, 2026
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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एकता नगर बना ग्रीन टूरिज्म का वैश्विक मॉडल, 5 साल में 60 लाख पेड़ लगाए गए

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नर्मदा, 5 जून (आईएएनएस)। गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एकता नगर ने अपने वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म डेस्टिनेशन, पर्यावरण सुरक्षा, क्लीन एनर्जी, प्रदूषण-मुक्त ट्रांसपोर्टेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के साथ दुनिया में सबसे आगे जगह बनाई है।

5 जून 2021 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर को भारत के पहले ‘ई-व्हीकल ओनली जोन’आधारित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। यह केवल एक घोषणा नहीं थी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संकल्प था। आज इस घोषणा के पांच वर्ष पूरे हो गए हैं। इन पांच वर्षों के दौरान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म रेगुलेटरी अथॉरिटी प्रधानमंत्री के इस विजन को साकार करने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।

इस पहल ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और एकता नगर ने ‘ग्रीन टूरिज्म एवं सतत विकास मॉडल’ के रूप में वैश्विक पहचान भी बनाई है। पिछले पांच वर्षों में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अथॉरिटी द्वारा लगभग 459 इलेक्ट्रिक वाहन संचालित किए जा रहे हैं।

ग्रीनिंग एकता नगर परियोजना के तहत यहां लगभग 60 लाख नए पेड़ लगाए गए हैं, जिसमें 2.25 लाख केशुदा, 2 लाख कृष्ण कमल के पौधे, 30 लाख अलग-अलग इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स पर, 15 लाख पौधे सड़कों के किनारे लगाए गए हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सीईओ अमित अरोड़ा ने आईएएनएस से कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2021 को अपील की थी कि एकता नगर को प्रदूषण-मुक्त ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इसके बाद स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने इस दिशा में अनेक कार्य किए हैं। हमारा प्रयास रहा है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को हरित और टिकाऊ पर्यटन का अनुभव मिले। पर्यटक प्रकृति से जुड़ सकें और स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थल का अनुभव कर सकें।”

उन्होंने कहा, “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के क्षेत्र को ईवी जोन के रूप में विकसित किया गया है। नर्मदा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अथॉरिटी की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत की गई। ग्रीनिंग प्रोजेक्ट ऑफ एकता नगर के तहत सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण और आकर्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां 5.5 मेगावाट से अधिक क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित किया गया है। साथ ही मियावाकी वन, वैली ऑफ फ्लावर्स और बोन्साई गार्डन विकसित किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हों।”