चेन्नई, 6 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजनीति में अटकलें तेज हो गई हैं कि एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री षणमुगम, विजयभास्कर कुछ अन्य नेताओं के साथ रविवार को टीवीके में शामिल हो सकते हैं।
बता दें कि 2026 चुनाव परिणाम के बाद से ही तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं। 2026 के चुनाव में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। टीवीके सबसे ज्यादा 107 सीटें जीतने में सफत तो जरूर हुई लेकिन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई।
सरकार बनाने के लिए विजय ने डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के दलों से समर्थन मांगा। टीवीके को कांग्रेस का सबसे पहला समर्थन मिला। कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर टीवीके सरकार का समर्थन किया। इसके बाद पार्टी को दो मंत्री पद मिले और राज्यसभा की एक सीट भी हासिल कर ली है।
विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने शुरू में सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया था। लेकिन, बाद में सरकार में शामिल हुए और उन्हें एक-एक मंत्री पद मिला।
सीपीआई(एम) और सीपीआई ने सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है। राजनीतिक तनाव तब और बढ़ गया, जब एएमएमके के महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायक कामराज को टीवीके ने राजनीतिक सौदेबाजी के जरिए अपनी ओर मिला लिया है।
नाराज एआईएडीएमके विधायकों का एक हिस्सा बाद में एस.पी. वेलुमणि के मार्गदर्शन में पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लौट आया, लेकिन कई प्रमुख नेता पार्टी से बाहर ही रहे।
पूर्व मंत्री सी.वी. षणमुगम और सी. विजयभास्कर शामिल थे, जिनके पार्टी में न लौटने से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, किसी भी नेता ने अभी तक कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है।
एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री वेल्लामंडी नटराजन और कई अन्य नेता पहले ही सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो चुके हैं, अगर और नेता पार्टी बदलते हैं, तो तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके की स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।

