कोलकाता, 7 जून (आईएएनएस)। कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) के तृणमूल कांग्रेस काउंसलर मोहम्मद जसीमुद्दीन को नाबालिग से छेड़छाड़ और परेशान करने के आरोप में पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही राज्य में सरकार बदलने के बाद से कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कुल आठ तृणमूल कांग्रेस काउंसलर अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
जसीमुद्दीन सेंट्रल कोलकाता के जोड़ासांको इलाके में वार्ड नंबर 39 का तृणमूल काउंसलर है। उसे दोपहर में उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस और सेंट्रल फोर्स सुबह से ही उसके घर पर थी। आरोप है कि तृणमूल नेता दरवाजा नहीं खोल रहा था। लगभग छह घंटे इंतजार करने के बाद, पुलिस ने बाहर से दरवाजा खोला, अंदर घुसी और जसीमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। पूरी घटना को लेकर इलाके में तनाव है। उसके समर्थक बाहर प्रोटेस्ट कर रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक भी प्रोटेस्ट में शामिल हो गए हैं और गिरफ्तार काउंसलर पर अंडे फेंक रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, जसीमुद्दीन के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पोक्सो) एक्ट, 2012 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
लोकल सूत्रों के मुताबिक, जसीमुद्दीन के करीबी तीन साल पहले इलाके की एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ में शामिल थे। वह नाबालिग अब कॉलेज स्टूडेंट है। शनिवार को कलाबागान इलाके में उसे फिर से परेशान किया गया और पुराना केस वापस लेने की धमकी दी गई। इसके बाद लड़की के घरवालों ने जोरासांको पुलिस स्टेशन में एक और शिकायत दर्ज कराई। इस घटना के सिलसिले में कल रात जसीमुद्दीन के एक करीबी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पार्षद समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
रविवार सुबह 6 बजे तक जोरासांको पुलिस स्टेशन के अधिकारी जसीमुद्दीन के घर पहुंच गए थे। सेंट्रल फोर्स ने घर को बाहर से घेर लिया था। आरोप है कि घर का कोलैप्सिबल गेट अंदर से बंद था। पुलिस के बुलाने के बावजूद किसी ने दरवाजा नहीं खोला। दोपहर के करीब एक चाबी बनाने वाले को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद दरवाजा खोला गया और पार्षद को बाहर निकाला गया। तब तक बाहर बहुत से लोग जमा हो गए थे। इनमें पार्षद के समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी थे। कई लोग अंडे फेंकने के लिए वहाँ खड़े थे। जसीमुद्दीन को घर से निकालकर कार में बिठाया गया।
जसीमुद्दीन पहले सीपीआई(एम) में थे। 2015 में नगर निगम चुनाव से पहले वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने तृणमूल के टिकट पर लगातार दो चुनाव जीते।
तृणमूल सूत्रों के मुताबिक वे पूर्व विधायक विवेक गुप्ता के साथी थे। कहा जाता है कि जसीमुद्दीन को किसी और की परवाह नहीं थी और पार्टी के अंदर उनके खिलाफ नाराजगी थी। इस साल के विधानसभा चुनाव में विवेक को जोरासांको से टिकट नहीं मिला। तब से जसीमुद्दीन भी घिरे हुए हैं। भाजपा के सत्ता में आने के बाद उनके आस-पास नाराजगी बढ़ गई।
कोलकाता नगर निगम के एक और पार्षद को शनिवार रात गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बप्पादित्य दासगुप्ता को पाटुली से जबरदस्ती वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। वह वार्ड नंबर 101 के पार्षद हैं। हालांकि वह पहले भाजपा में थे, लेकिन 2010 में पूर्व राज्यमंत्री पार्थ चटर्जी की मदद से वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। बप्पादित्य केएमसी में तृणमूल कांग्रेस पार्षदों के चीफ व्हिप भी थे।

