Sunday, June 7, 2026
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पश्चिम बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना, देश का 36वां राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बनेगा

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नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल जल्द ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जे एवाई) लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बनने जा रहा है। इसके साथ ही देश में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और सभी नागरिकों तक सस्ती व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके साथ राज्य आधिकारिक रूप से इस प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ जाएगा।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेता एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव तथा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के शामिल होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल के इस योजना से जुड़ने के बाद राज्य के पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। यह सुविधा सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर के अस्पतालों में भर्ती और इलाज के लिए उपलब्ध होगी।

सरकार का मानना है कि इस योजना से गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा तथा उन्हें सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से लोगों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।

पश्चिम बंगाल के योजना में शामिल होने के बाद राज्य के पात्र लाभार्थियों को पोर्टेबिलिटी सुविधा भी मिलेगी, जिसके तहत वे देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा तथा सभी नागरिकों को किफायती स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।