पटना, 10 जून (आईएएनएस)। बिहार सरकार ने राज्य में 69 एकलव्य स्पोर्ट्स स्कूल के निर्माण का निर्देश दिया है, जिससे खेल और खिलाड़ियों को मजबूती मिलेगी। सरकार का उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देना है, ताकि वे दुनिया में बिहार के साथ देश का नाम गौरवान्वित कर सकें।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक और सीईओ रवींद्रन शंकरन ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “बिहार सरकार का निर्देश था कि स्कूल की छुट्टी के दिनों पर बच्चों का खेल से परिचय कराया जाए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर हमने 2 हफ्तों के लिए समर कैंप का आयोजन किया है, जिसमें 1,000 से ज्यादा बच्चों ने पंजीकरण करवाया है। ये बच्चे सुबह-शाम आ रहे हैं। हम बच्चों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, योगा, क्रिकेट से परिचय करवा रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “ये 2 हफ्तों का कार्यक्रम है। सरकार की तरफ से बच्चों को रिफ्रेशमेंट, टी-शर्ट, वॉटर बोतल और सर्टिफिकेट्स दिए जा रहे हैं। कुल 69 एकलव्य रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स स्कूल प्रस्तावित हैं, जिनमें 31 सुचारू रूप से चल रहे हैं। गुरुवार तक यह संख्या 41 पहुंच जाएगी। आने वाले 3 महीनों में 69 एकलव्य स्पोर्ट्स स्कूल समूचे बिहार में कार्यरत रहेंगे।”
रवींद्रन शंकरन ने हाल ही में संपन्न हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप योगासन में बिहार के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा, “अहमदाबाद में आयोजित पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप योगासन में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। बिहार के खिलाड़ियों ने भी इस चैंपियनशिप में मेडल अपने नाम किए हैं। हम उन्हें बधाई देते हैं। ये संदेश है कि बिहार सिर्फ एक खेल में नहीं, बल्कि प्रत्येक खेल में आगे बढ़ रहा है। भविष्य में बिहार स्पोर्ट्स का पावरहाउस बनेगा।”
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए तेज गति से कार्य कर रही है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की तरफ से राज्य के युवा खिलाड़ियों में खेल की प्रतिभा को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के लायक बनाने के लिए राज्य के 33 जिलों में प्रशिक्षकों की पूर्ति के साथ ही खेल केंद्रों का व्यापक स्तर पर निर्माण किया जा रहा है।

