गुवाहाटी, 10 जून (आईएएनएस)। असम सरकार ने चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले वंचित समुदायों के छात्रों के लिए एक नई मुफ्त परिवहन योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत लगभग 9,714 छात्रों को लाभ मिलेगा, जो कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थी हैं और राज्य के 11 जिलों के 198 स्कूलों में पढ़ते हैं। यह पहल समग्र शिक्षा असम के अंतर्गत शुरू की गई है, जो राज्य की प्रमुख एकीकृत शिक्षा योजना है।
इस अवसर पर असम सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री डॉ. रानोज पेगु ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दूर-दराज और चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अक्सर स्कूलों की दूरी अधिक होती है और कई बार छात्रों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
डॉ. पेगु ने बताया कि राज्य सरकार का प्रयास है कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक समावेशी और सुलभ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि असम ने हाल के वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में राज्य ने पहले 27वां स्थान हासिल किया था, जो अब सुधरकर 12वें स्थान पर पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य है कि असम को देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि चाय बागान क्षेत्रों में बस्तियां और गांव अक्सर स्कूलों से दूर होते हैं और आबादी का घनत्व भी कम होता है। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने विशेष परिवहन व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है ताकि बच्चों को सुरक्षित और नियमित रूप से स्कूल पहुंचाया जा सके।
मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत लगभग 5.2 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय अनुमानित है। यह एक नई और प्रयोगात्मक पहल है, जिसे शुरुआत में 11 जिलों में लागू किया जा रहा है। यदि यह सफल रहती है तो इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।

