रांची, 14 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर ने रविवार को विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने दिल्ली में टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक, राहुल गांधी पर हो रही बयानबाजी, राम मंदिर के लिए मिले दान के गबन मामले की जांच और पाकिस्तान से बातचीत को लेकर आरएसएस से जुड़े बयानों पर अपनी बात रखी।
दिल्ली में टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक को लेकर राजेश ठाकुर ने कहा कि यह भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और टीएमसी नेताओं को परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा डरा-धमकाकर विपक्षी दलों के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराने की कोशिश करती है। जो लोग भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे होते हैं, उन्हें भाजपा अपने ‘वॉशिंग मशीन’ में धोकर साफ बताने का काम करती है। बंगाल को अस्थिर करने की एक साजिश के तहत यह सब हो रहा है और टीएमसी सांसदों की बैठक उसी परिस्थिति का परिणाम है।
राहुल गांधी पर दिए जा रहे राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के लोग समय-समय पर राहुल गांधी पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन उनकी कही गई कई बातें बाद में सही साबित होती हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब भी कोई बात कहते हैं, पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कहते हैं। कई बार लोगों को उनकी बातें पसंद आती हैं और कई बार नहीं, लेकिन समय के साथ उनकी कही गई कई बातें सच साबित हुई हैं। ऐसे में उन पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
राम मंदिर डोनेशन जांच और एसआईटी गठन को लेकर राजेश ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर परिसर में दान राशि को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो यह गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि अगर भगवान राम के घर में भी चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं तो यह बेहद चिंताजनक है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। जो लोग रामराज्य की बात करते थे, उन्हें जवाब देना चाहिए कि आखिर ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। हमें लगता है कि एसआईटी की कार्रवाई केवल लीपापोती बनकर न रह जाए और वास्तविक दोषियों तक जांच पहुंचे।
वहीं, पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए जाने संबंधी आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग तरह के राजनीतिक बयान सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग आपस में जुगलबंदी करते रहते हैं। ऐसे बयानों से देशहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा प्रभावित होती है। कांग्रेस की विचारधारा महात्मा गांधी के सिद्धांतों में विश्वास रखती है और हम मानते हैं कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए।

