नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि मेट्रो के दो फेज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित सहायता नहीं दी जा रही है।
उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। सीएम के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। केंद्र सरकार ने हमेशा से ही राज्य सरकार को हर प्रकार की परियोजनाओं को पूरा करने मदद की है। चाहे वो रेवंत रेड्डी की सरकार हो या फिर पूर्व की सरकार। केंद्र सरकार ने किसी भी प्रकार की परियोजनाओं को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की।
उनके मुताबिक, मेट्रो के परिचालन से जो भी आय प्राप्त होती है, उससे सबसे पहले मेट्रो के अन्य खर्चों की पूर्ति होनी चाहिए। जैसे अगर मेट्रो में टिकट वितरण से या विज्ञापन से जितने भी प्रकार की आय होती है, तो उसका उपयोग मेट्रो के परिचालन में किया चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। राज्य सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि पहले हम लोन को चुकाएंगे। ऐसा तर्क में हमें राज्य सरकार की ओर से सुनने को मिल रहा है, जबकि हमारा कहना है कि पहले मेट्रो से जो पैसा प्राप्त हो रहा है, उससे मेट्रो से जुड़े खर्चों को पूरा किया, ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो और अगर इसके बाद कोई पैसा बचता है तो उसका उपयोग लोन चुकाने में किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री का कहना है कि आज की तारीख में स्थिति ऐसी हो चुकी है कि मेट्रो के मेंटेनेंस के खर्चे को पूरा करने के लिए भी हमें लोन लेना पड़ रहा है। उधर, हमारी आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद भी हम मेट्रो को बढ़ा रहे हैं, क्योंकि हम पता है कि आज की तारीख में आम लोगों के लिए मेट्रो कितनी जरूरी हो जाती है। इन्हीं सब स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमारा राज्य सरकार को सुझाव है कि पहले वो अपनी आर्थिक स्थिति की समीक्षा करें। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से प्रोजेक्ट को रोका गया है। लिहजा मेरा राज्य सरकार को यही सुझाव रहेगा कि वो इसे कोई अलग एंगल देकर लोगों को भ्रमित करने का काम नहीं करें।
जी. किशन रेड्डी के मुताबिक, रेवंत रेड्डी की ओर से छह गारंटी दी गई है। इसके अलावा कुछ सब गारंटी भी दी गई है। लेकिन, अब तक कोई भी गारंटी पूरी नहीं की गई है। हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में अब तक कांग्रेस की सरकार की ओर से कोई भी गारंटी पूरी नहीं की गई है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि राहुल गांधी ने सिर्फ गारंटियों के नाम पर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की है। 10 साल केसीआर के राज और ढाई साल कांग्रेस के राज में तेलंगाना में आर्थिक दुश्वारियां अपने चरम पर पहुंच चुकी है। लगभग 13 लाख रुपए तेलंगाना सरकार पर लोन है। आज भी तेलंगाना सरकार आर्थिक रूप से अनुशासित नहीं है। मनमाने तरीके से पैसे खर्च किए जाते हैं। आज की तारीख में तेलंगाना में आर्थिक चुनौतियां पैदा हो चुकी हैं। राज्य सरकार के पास अपने कर्मचारियों के वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। कर्मचारियों के रिटायरमेंट के पैसे के लिए भी बजट नहीं है। स्ट्रीट लाइट रिप्लेस करने के लिए भी राज्य सरकार के पास पैसे नहीं है। ऐसी स्थिति में रेवंत रेड्डी को सुझाव रहेगा कि वो अपनी विफलताओं का ठीकरा मेरे ऊपर नहीं फोड़े। प्रदेश की जनता ने आपको सेवा के लिए चुना है, आप उनकी सेवा करें।
कोल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई कोल स्कैम नहीं हुआ है। इस संबंध में कर्मचारियों के यूनियन ने मुझे पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि इसके हिसाब में गड़बड़ है। इस संबंध में मैंने राज्य सरकार को पत्र लिखा है और मैंने कहा कि इसकी जांच की जाए, ताकि जो आरोप लग रहे हैं, उसकी तस्वीर साफ हो सके।

