Thursday, June 18, 2026
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जी-7 में भारत की कूटनीतिक सफलता: यूके, कनाडा और ईयू के साथ व्यापारिक रिश्तों को म‍िली मजबूती

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एवियन (फ्रांस), 17 जून (आईएएनएस)। जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बैठकों ने दिखाया कि भारत की ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ नीति ग्लोबल इकॉनमी में फायदेमंद साबित हो रही है।

प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मुलाकात के बाद यह तय हुआ है कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

इस समझौते के लागू होने से भारत की वैश्विक व्यापार व्यवस्था में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

साथ ही, भारत ने अपने कुछ संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की है। इनमें डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (मिलेट्स), खाद्य तेल, तिलहन, सेब और कई तरह की सब्जियां शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बैठक के बाद जारी भारत-कनाडा संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेता व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर चल रही बातचीत की प्रगति से संतुष्ट हैं। उन्होंने 2026 तक इस समझौते को अंतिम रूप देने के अपने साझा लक्ष्य को भी दोहराया।

यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं के साथ हुई बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा, “हमने ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’ कहे जाने वाले इस बड़े व्यापार समझौते को पूरा कर लिया है और अब हम अपने वादों को तेजी से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर कर देंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “आज एवियन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलकर बहुत अच्छा लगा।”

उन्होंने कहा, “इस साल की शुरुआत में भारत को गणतंत्र दिवस समारोह में उनका स्वागत करने का गौरव मिला था। भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण समय है क्योंकि हमने मुक्त व्यापार समझौता पूरा कर लिया है। हमारी बातचीत में हमने आने वाले समय में आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। आज के वैश्विक माहौल में हमारा बढ़ता सहयोग शांति, स्थिरता और समृद्धि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”