मुंबई, 17 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘टूलकिट पॉलिटिशियन’ बताया।
उन्होंने बुधवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने आज तक अपने जीवन में किसी भी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा नहीं दी। अब वो छात्रों को दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि 21 जून को नीट का एग्जाम देने जा रहे हैं। इस तरह की राजनीति से कांग्रेस को कोई फायदा होने वाला नहीं है। मैं राहुल गांधी से कहना चाहूंगा कि आगामी 21 तारीख के बाद उनके पास राजनीति के कई विषय रहेंगे, वो उन मुद्दों पर राजनीति कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल छात्रों को छोड़ दें।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक कांग्रेस का सवाल है, तो पहले उसे अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। जब पृथ्वीराज चह्वाण महाराष्ट्र के सीएम थे, तो राज्यभर में 40 पेपर लीक हुए थे। जब अशोक गहलोत राजस्थान के सीएम थे, तब भी 35 से 40 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई थीं। उस वक्त इन घटनाओं में अशोक गहलोत के बेटे और कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का भी नाम सामने आया था। अब जब 21 जून को नीट है, तो हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार की लीक की स्थिति पैदा नहीं हो। सुचारू रूप से परीक्षा संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि वो अपनी राजनीति को चमकाने के लिए लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं। कभी वो किसानों को भड़काने की कोशिश करते हैं, तो कभी वो सीएए के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। आज की तारीख में राहुल गांधी की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि उनकी बातों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। लेकिन, ऐसे में जब लाखों स्टूडेंट और उनके पैरेंट्स स्ट्रेस में हैं तो राहुल गांधी को मेरा सुझाव रहेगा कि वो किसी भी पैरेंट्स का स्ट्रेस नहीं बढ़ाएं।
उन्होंने रांची में आरएसएस कार्यालय में हुए हमले की निंदा की। उनके मुताबिक, यह एक चिंताजनक स्थिति है। इससे बड़ी चिंता की बात यह है कि जहां-जहां कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां पर आरएसएस को लेकर नफरत फैलाई जा रही है। हमने देखा है कि कैसे प्रियांक खड़गे आरएसएस को लेकर लोगों में झूठी बातें फैला रहे हैं। लेकिन, इस तरह के सवाल आपने तबलिगी जमात से नहीं पूछे हैं। आरएसएस ने राष्ट्र निर्माण की दिशा में इतने काम किए हैं, जितने खड़गे परिवार कभी भी अपनी जिंदगी में नहीं कर पाएगा।
भाजपा नेता ने कहा कि आपको याद होगा कि असम के चुनावी कैंपन में आपने देखा होगा कि कैसे मल्लिकार्जुन खड़गे ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। सवाल यह है कि ये नफरत क्यों फैलाई जा रही है। अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ऐसी सोच होगी, तो जाहिर सी बात है कि कांग्रेस शासित राज्यों में आरएसएस और भाजपा को लेकर नफरत फैलाई जाएगी।

