चेन्नई, 21 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय सोमवार को अपना 52वां जन्मदिन मनाएंगे। यह उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद पहला जन्मदिन होगा, जिसे लेकर राज्य भर में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई जिलों में पहले से ही जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
विजय, जो पहले तमिल सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक रहे हैं, इन्होंने राजनीति में कदम रखते हुए 2 फरवरी 2024 को अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की स्थापना की थी, जिसके बाद उनका राजनीतिक सफर तेजी से आगे बढ़ा और तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा हुई।
पार्टी ने जल्द ही विक्रवंडी और मदुरै में दो बड़े सम्मेलन आयोजित किए, जिनमें भारी भीड़ उमड़ी और राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित हुआ। इन आयोजनों ने विजय की बढ़ती राजनीतिक पकड़ और टीवीके के उभरते प्रभाव को दर्शाया।
जैसे-जैसे विजय ने पार्टी का प्रभाव क्षेत्र बढ़ाया, उन्होंने समाज सुधारक पेरियार ईवी रामासामी, पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज, डॉ. बी. आर. अंबेडकर, स्वतंत्रता सेनानी रानी वेलू नाचियार और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलाई अम्माल को आंदोलन के लिए वैचारिक प्रेरणा के रूप में पहचाना।
रिपोर्ट के अनुसार, मात्र दो वर्षों के भीतर टीवीके ने किसी बड़े राजनीतिक गठबंधन के बिना चुनाव लड़ा और तमिलनाडु विधानसभा में प्रवेश किया। “व्हिसल” चुनाव चिन्ह के साथ अभियान चलाते हुए विजय ने जनता से सीधे संवाद किया और सेवा के लिए अवसर देने की अपील की।
उनका संदेश खासकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ, जिसके चलते पार्टी को व्यापक समर्थन मिला और अंततः उसे सरकार बनाने के लिए निर्णायक जनादेश प्राप्त हुआ।
विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और हाल ही में अपने कार्यकाल का पहला महीना पूरा किया है।
विधानसभा सत्र के दौरान सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक उनके जन्मदिन पर सदन में शुभकामनाएँ देने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि वे इस अवसर पर कोई नई नीतिगत घोषणा कर सकते हैं।
जन्मदिन के अवसर पर टीवीके की तमिलनाडु इकाइयों ने मंदिरों में विशेष पूजा, अन्नदान कार्यक्रम, कल्याण सहायता और विभिन्न जनसेवा गतिविधियों की योजना बनाई है। पार्टी ने जिला स्तर के नेताओं को सामुदायिक सेवा पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह अवसर सेवा-आधारित आयोजनों के रूप में मनाया जा सके।

