रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेएसपीसी) के तीन सदस्यों (अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद) ने रविवार को कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर गहराते विवाद के बीच अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
तीनों ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। उनके इस्तीफे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है।
यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि जेपीएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे झारखंड आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने तीनों सेवारत सदस्यों को पूछताछ के लिए तलब किया था।
जेपीएससी पहले से ही हाल ही में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर विवादों में घिरा हुआ है।
उम्मीदवार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि में तीन सदस्यों के इस्तीफे को देखा जा रहा है।
परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी, आयोग के तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करने वाली है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अजिता भट्टाचार्य से सोमवार को, अनिमा हांसदा से मंगलवार को और जमाल अहमद से बुधवार को पूछताछ की जाएगी। इन तीनों को आगे की पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है।
इससे पहले, सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांगते से चार चरणों में पूछताछ की थी।
उनसे परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं और आयोग स्तर पर लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
जांच एजेंसी दोनों व्यक्तियों से परीक्षा प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।
सीआईडी पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सीआईडी ने अब तक परीक्षा में धोखाधड़ी के आरोप में चार उम्मीदवारों और तीन कथित बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया है।

