नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गायक जुबीन गर्ग की पिछले साल सिंगापुर में हुई मौत से जुड़े चर्चित मामले में आरोपी श्यामकानु महंत की जमानत याचिका पर असम सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश श्यामकानु महंत द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई के दौरान दिया। श्यामकानु महंत ने अपनी याचिका में गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार से जवाब मांगा है। अदालत की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को हो सकती है।
जुबीन गर्ग मौत मामले पर श्यामकानु महंत की वकील अनसूया चौधरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वह जेल में हैं और शुरू से ही जांच में सहयोग कर रहे हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी किया है और सरकार से जवाब मांगा है।
पिछले महीने गुवाहाटी हाईकोर्ट ने श्यामकानु महंत की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि उनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं और जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जो कथित साजिश में उनकी सक्रिय भूमिका की ओर इशारा करते हैं।
जस्टिस मिताली ठाकुरिया की एकल पीठ ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मृतक गायक की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उनके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
हाई कोर्ट ने कहा था, ”पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता और अन्य सह-आरोपियों के बीच साजिश थी।” अदालत ने यह भी कहा कि जांच में जुटाए गए साक्ष्यों से पता चलता है कि यॉट पार्टी श्यामकानु महंत की सलाह से आयोजित की गई थी और उन्होंने कथित साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
अदालत के आदेश में यह भी कहा गया कि अभियोजन पक्ष के अनुसार गायक को पूरी रात शराब उपलब्ध कराई गई और उनकी स्वास्थ्य संबंधी पाबंदियों के बावजूद बिना किसी चिकित्सीय सहायता के यॉट यात्रा पर ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें शराब सेवन और पानी से जुड़ी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी थी।
हाई कोर्ट ने यह चिंता भी जताई कि जमानत मिलने पर श्यामकानु महंत फरार हो सकते हैं। अदालत ने कहा कि घटना के बाद वह मलेशिया चले गए थे और बाद में लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किए गए थे।
अदालत ने कहा, ”यह संभावना पूरी तरह से खारिज नहीं की जा सकती कि जमानत मिलने पर याचिकाकर्ता फरार हो जाए।”
न्यायमूर्ति ठाकुरिया ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष ने बड़ी संख्या में गवाहों को सूचीबद्ध किया है, इसलिए इस चरण में गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
हाई कोर्ट ने माना कि श्यामकानु महंत की हिरासत की अवधि को अत्यधिक लंबी कैद नहीं कहा जा सकता। साथ ही, मामले की रोजाना सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन भी किया जा चुका है।
श्यामकानु महंत को जुबीन गर्ग की मौत की जांच से जुड़े मामले में आरोपी बनाया गया है।
यह मामला गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ा है। उनकी 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजारस द्वीप के पास तैराकी के दौरान मौत हो गई थी। वह अगले दिन नॉर्थईस्ट इंटरनेशनल फेस्टिवल (एनईआईएफ) के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले थे।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में चर्चा के दौरान इस मामले को ‘सीधी और साफ हत्या’ बताया था। वहीं, दूसरी ओर सिंगापुर पुलिस फाॅर्स की जांच में जुबीन गर्ग की मौत में किसी साजिश या आपराधिक कृत्य के सबूत नहीं मिले। हालांकि, असम सरकार का कहना है कि सिंगापुर की जांच के निष्कर्षों का राज्य में चल रही आपराधिक कार्यवाही और मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

