Tuesday, June 23, 2026
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राजेश एक्सपोर्ट्स पर ईडी का शिकंजा, बेंगलुरु-मुंबई में 9 ठिकानों पर छापेमारी

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नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बेंगलुरु और मुंबई में राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (आरईएल) से जुड़े मामलों में 9 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। आरईएल की छापेमारी में कई अहम बातें सामने आईं।

ईडी की ओर से आरईएल से जुड़े मामले में की गई तलाशी अभियान में राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में बेनामी लेनदेन का पता चला। जांच से पता चला है कि बेनामीदारों ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों में कई बार लेनदेन किया है। इसमें देश से 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की रकम बाहर भेजी गई।

इसके अलावा जांच में सोने के स्टॉक इन्वेंट्री में भी अंतर मिला है। सोने का फिजिकल स्टॉक, किताबों में दिखाए गए स्टॉक से 40 प्रतिशत कम पाया गया। वहीं जांच में इसके अलावा भी कई अहम बातें सामने आई हैं। दरअसल, लगभग 3,000 करोड़ रुपए के ट्रेड रिसीवेबल्स का निपटान सोने के आयात के बदले किया गया है, जिसकी डिलीवरी संदिग्ध है।

इसके अतिरिक्त अफ्रीकी खदानों में ओडीआई निवेश मिला है। आरईएल ने अफ्रीकी सोने की खदानों में 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है, लेकिन यह निवेश उसकी किसी भी सब्सिडियरी कंपनी के अकाउंट्स की किताबों में नहीं दिख रहा है।

ईडी की छापेमारी में यूएई की संदिग्ध कंपनियों के बीच ट्रेड रिसीवेबल्स और ट्रेड पेबल्स का नेटिंग-ऑफ मिला है। संदिग्ध साख वाली 4-5 विदेशी कंपनियों के साथ लगभग 3,000 करोड़ रुपए के ट्रेड रिसीवेबल्स और पेबल्स का निपटान किया गया है। वहीं, राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (आरईएल) मामले में ईडी की कार्रवाई और जांच लगातार जारी है।

ईडी की इसी प्रकार की कार्रवाई का एक दूसरा मामला मंगलवार को तमिलनाडु से सामने आया, जहां ईडी ने टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (टीआरबी) पॉलीटेक्निक लेक्चरर भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत राज्यभर में 18 स्थानों पर छापेमारी की।

ईडी की यह कार्रवाई चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और मदुरै में की गई। जांच एजेंसी को आरोप मिले हैं कि सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर पदों पर नियुक्ति दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन हुआ था।

यह मामला वर्ष 2017 में चेन्नई सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) द्वारा दर्ज एफआईआर और 2021 में दाखिल चार्जशीट पर आधारित है। जांच 1,058 लेक्चररों की भर्ती के लिए आयोजित टीआरबी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है।