Wednesday, June 24, 2026
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सूर्यांश को रास आएगी आयरलैंड-इंग्लैंड की परिस्थितियां, लंबा रहेगा इंटरनेशनल करियर : जतिन परांजपे (आईएएनएस इंटरव्यू)

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नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। नीतीश कुमार रेड्डी के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित टी20 टीम से बाहर होने के बाद सूर्यांश शेडगे को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया है। भारत के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता जतिन परांजपे का मानना है कि सूर्यांश शेडगे का अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा रहेगा।

परांजपे का कहना है कि सूर्यांश के पास अगले दस वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए जरूरी कौशल और मानसिक मजबूती दोनों हैं। उन्होंने बुधवार को आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, “वह एक स्वाभाविक टी20 खिलाड़ी हैं और यह उनके लिए फायदेमंद रहेगा। उन्हें यह समझ आएगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आईपीएल की तुलना में अधिक दबाव और तेजी होती है। इसलिए उन्हें इस माहौल में ढलने में तीन-चार मैच लग सकते हैं। हालांकि, मुझे पूरा भरोसा है कि उनके पास अगले 10 वर्षों तक भारत के लिए खेलने की क्षमता और मानसिक दृढ़ता है।”

शेडगे एक आक्रामक बल्लेबाज हैं और मध्यम गति की गेंदबाजी भी करते हैं। हालिया शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली है। उन्होंने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए सात पारियों में 39.50 की औसत और 175.55 के स्ट्राइक रेट से 158 रन बनाए। इसके बाद श्रीलंका के दांबुला में इंडिया ए की 50 ओवरों की त्रिकोणीय श्रृंखला जीत में भी बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पांच पारियों में 120.49 के स्ट्राइक रेट से 147 रन बनाए और 23 ओवर गेंदबाजी भी की।

पिछले दो वर्षों से मुंबई के वासु परांजपे क्रिकेट सेंटर में सूर्यांश शेडगे को प्रशिक्षण दे रहे जतिन परांजपे का मानना है कि भारतीय टीम में पहली बार चयन के लिए इससे बेहतर समय और अवसर नहीं हो सकता था।

उन्होंने कहा, “जाहिर है कि मैं उनके लिए बेहद खुश हूं। आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा सूर्यांश जैसे ऑलराउंडर के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। वहां गेंद हवा में और पिच से कुछ मूव करेगी। बल्लेबाजी के नजरिए से भी मुझे लगता है कि उन्हें ये परिस्थितियां पसंद आएंगी। जब कोई खिलाड़ी अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करता है तो कई चीजों का उसके पक्ष में होना महत्वपूर्ण होता है और उनमें से एक वह जगह भी होती है जहां वह पदार्पण कर रहा है। इसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं।”

शेडगे के साथ पिछले दो वर्षों के काम के बारे में बताते हुए परांजपे ने कहा कि उनका ध्यान खिलाड़ी को पूरी तरह बदलने के बजाय उसके खेल को और निखारने पर था। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में कुछ तकनीकी पहलुओं पर काम किया गया, लेकिन मुख्य उद्देश्य खिलाड़ी को और बेहतर बनाना था।

उन्होंने कहा कि शेडगे पहले से ही मुंबई के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। परांजपे ने बताया कि 2024-25 सत्र में शेडगे ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने में टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उन्होंने कहा, “जाहिर है कि वह बहुत काबिल खिलाड़ी हैं और आपको बस उन्हें मानसिक तौर पर थोड़ा आराम देने और यह बताने की जरूरत है कि आप उन पर उतना ही विश्वास करते हैं जितना वे खुद पर करते हैं। इसी वजह से बहुत सारा काम आमतौर पर मैच के बारे में बात करना, उन्हें वहां पहुंचाने की कोशिश करना और यह समझने की कोशिश करना रहा है कि वह कैसे सोचते हैं।

जतिन परांजपे ने कहा कि इसमें उनके अपने क्रिकेट करियर के अनुभवों को भी खिलाड़ी के साथ साझा करना शामिल था। किस्मत से शेडगे उन अनुभवों से काफी हद तक जुड़ पाए और उनका आईपीएल प्रदर्शन भी अच्छा रहा। उन्होंने आगे कहा कि श्रीलंका में इंडिया ए के साथ उनकी सीरीज भी अच्छी रही, इसलिए आने वाले समय में उनके लिए काफी दिलचस्प मौके और चुनौतियां होंगी।

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “आप खेल को जितना सरल रखेंगे, उतना ही बेहतर होगा। दुनिया के सभी महान खिलाड़ी चीजों को सरल रखते हैं। हमने इस बात पर चर्चा की कि हर गेंद का सामना करते समय उनकी ‘सेल्फ-टॉक’ कैसी होनी चाहिए और उसे लगातार सरल बनाए रखना चाहिए। ऐसी कई छोटी-छोटी चीजों पर हमने काम किया।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने कुछ तकनीकी पहलुओं पर भी काम किया, जैसे उनके बैट के फ्लो को थोड़ा और सहज बनाना। यह उनके करियर की सिर्फ शुरुआत है। उम्मीद है कि मैं उन्हें एक क्रिकेटर और एक इंसान के रूप में आगे भी बेहतर समझ पाऊंगा तथा भविष्य में उनकी मदद करता रहूंगा।” श्रेयस अय्यर टी20 टीम और शुभमन गिल वनडे टीम की कमान संभाल रहे हैं।

परांजपे ने कहा कि सूर्यांश को जब भी मौका मिलेगा, उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “सिर्फ श्रेयस ही नहीं, यह मत भूलिए कि शुभमन भी एक युवा कप्तान हैं। मैंने शुभमन को बहुत करीब से देखा है। एक कप्तान के तौर पर उनमें काफी हमदर्दी है। यदि सूर्यांश प्लेइंग इलेवन में जगह बनाते हैं तो मुझे लगता है कि शुभमन उनका बहुत अच्छे तरीके से मार्गदर्शन करेंगे, क्योंकि एक युवा खिलाड़ी होने के नाते वह शुरुआती मैचों की घबराहट, तनाव और उत्साह को अच्छी तरह समझते हैं।”

यह पूछे जाने पर कि क्या भविष्य में इंग्लैंड दौरे के दौरान सूर्यांश को वनडे टीम में भी मौका मिल सकता है, परांजपे ने उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें टीम में शामिल कर सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला चयनकर्ताओं पर ही निर्भर करेगा।

परांजपे ने शेडगे के माता-पिता प्रशांत और प्रियदर्शिनी के त्याग का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दोनों ने उनके क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपनी बैंकिंग नौकरियां छोड़ दी थीं। उन्होंने कहा कि एक कोच के रूप में खिलाड़ी के सपोर्ट सिस्टम को समझना और उसे मजबूत बनाना भी उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि शेडगे के माता-पिता हमेशा सहयोगी रहे हैं और हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे हैं। सूर्यांश को बचपन से ही क्रिकेट से बेहद लगाव था और परिवार ने हमेशा उनका समर्थन किया। अब उनका प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी को सही मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहे।

परांजपे ने शेडगे के स्वभाव की भी सराहना की और कहा कि वह अपने मिले हर अवसर के लिए बेहद आभारी रहते हैं। उनके अनुसार, जैसे-जैसे कोई खिलाड़ी आगे बढ़ता है, उसे एहसास होता है कि वह कितने सौभाग्यशाली लोगों में से एक है और शेडगे ने इस भावना को अच्छी तरह आत्मसात किया है।