Friday, June 26, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय गाजियाबाद में अग्निशमन विभाग का विशेष अभियान, 22 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण;...

गाजियाबाद में अग्निशमन विभाग का विशेष अभियान, 22 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण; 11 को नोटिस

0
3

गाजियाबाद, 25 जून (आईएएनएस)। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गाजियाबाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने जिले भर में कोचिंग सेंटरों, पुस्तकालयों (लाइब्रेरी) तथा अन्य भीड़-भाड़ वाले भवनों में व्यापक अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया। यह विशेष अभियान 25 जून 2026 को पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा, गाजियाबाद द्वारा संचालित किया गया।

अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरियों और सार्वजनिक उपयोग के भवनों का गहन निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा उपायों की बारीकी से पड़ताल की गई।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) गाजियाबाद के निर्देशन में जिले के सभी प्रभारी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 22 कोचिंग संस्थानों का अग्निशमन निरीक्षण किया गया। जांच में 11 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कमियां पाई गईं, जिसके चलते उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। वहीं, कुछ कोचिंग संस्थान निरीक्षण के समय बंद पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों में गंभीर स्तर की सुरक्षा खामियां पाई गईं, उनके विरुद्ध संबंधित विभागों के सहयोग से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान भवन संचालकों और प्रबंधकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने, आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा अवरोधमुक्त रखने तथा अग्निशमन उपकरणों को नियमित रूप से क्रियाशील स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही छात्रों, छात्राओं और आम नागरिकों को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों तथा सुरक्षित निकासी के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। अग्निशमन विभाग का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।