अगरतला, 26 जून (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार तेजी से विकास परियोजनाएं लागू कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समाज के आखिरी व्यक्ति को भी सामाजिक-आर्थिक प्रगति का लाभ मिले, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा ने हेल्थकेयर, शिक्षा, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे निवेश और आर्थिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बना है। हमारे राज्य ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में जबरदस्त प्रगति की है। नतीजतन, देश के विभिन्न हिस्सों से निवेशक त्रिपुरा में निवेश करने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
साहा ने सेपाहिजाला जिले में 100 बिस्तरों वाले सेपाहिजाला जिला अस्पताल की नई इमारत की आधारशिला रखने और लालसिंहमुरा प्राइमरी हेल्थ सेंटर में 24/7 इमरजेंसी और इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) सेवाओं का उद्घाटन करने के बाद ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने जिले के अलग-अलग हिस्सों में लागू कई विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के मकसद से कई कल्याणकारी और विकास पहल लागू कर रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य भर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अच्छी मेडिकल सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए अहम कोशिशें की गई हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए, गोविंद बल्लभ पंत (जीबीपी) अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 727 से बढ़ाकर 1,413 कर दी गई है। गोमती जिला अस्पताल में भी बिस्तरों की क्षमता दोगुनी कर दी गई है। अंबासा में एक कार्डियक केयर यूनिट बनाई गई है, जिससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को घर के पास ही खास इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य भर में लाभार्थियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। इस योजना के तहत लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा, राज्य के लोगों ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 41.74 करोड़ रुपए की चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में स्पेशलाइज्ड हेल्थकेयर सेवाओं को मजबूत करने के लिए अगरतला में आईएलएस हॉस्पिटल के पास 100 बिस्तरों वाला एक नेत्र अस्पताल बनाया जा रहा है। सरकार ने वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने और हेल्थकेयर सेक्टर में शिक्षा के अवसर बढ़ाने के लिए होम्योपैथी और आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के फायदे के लिए टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू की गई हैं। दुर्घटना के शिकार लोगों और इमरजेंसी मरीजों का समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी जिलों में ट्रॉमा केयर सेंटर बनाए गए हैं।
साहा ने राज्य की आर्थिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय के मामले में त्रिपुरा अभी पूर्वोत्तर राज्यों में दूसरे स्थान पर है। नीति आयोग ने विकास से जुड़े अलग-अलग पैमानों और गवर्नेंस से जुड़ी पहलों में त्रिपुरा के प्रदर्शन को देखते हुए उसे ‘फ्रंट रनर’ राज्य का दर्जा दिया है।
मुख्यमंत्री ने हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाकर, कनेक्टिविटी में सुधार करके, रोजगार के मौके बनाकर और लोगों की पूरी क्वालिटी ऑफ लाइफ को बेहतर बनाकर बैलेंस्ड और इनक्लूसिव डेवलपमेंट पक्का करने के लिए सरकार का कमिटमेंट दोहराया।

