Friday, June 26, 2026
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1947 में मुस्लिम लीग के आगे समर्पण से शुरू होता है ‘कांग्रेस के सरेंडर का कैलेंडर’ : सुधांशु त्रिवेदी

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नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर शुक्रवार को जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का ‘सरेंडर का कैलेंडर’ 1947 में भारत को दो टुकड़ों में बांटकर मुस्लिम लीग के आगे समर्पण से शुरू होता है।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 1947 में भारत के दो टुकड़े करके मुस्लिम लीग के आगे समर्पण से शुरू होकर, 1948 में पाकिस्तान को पीओके सौंपना, 1962 में चीन को अक्साई चिन सौंपना, लगभग असम को सौंप ही दिया था, मानसरोवर क्षेत्र को सौंपना और फिर कच्चातिवु द्वीप को सौंपना- यह कांग्रेस के सरेंडर की एक दुखद शृंखला है, जिसे भारत को हमेशा याद रखना चाहिए।

भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस के सरेंडर के कैलेंडर का एक और ऐतिहासिक काला अध्याय है। आज ही के दिन 26 जून 1974 को तमिलनाडु के पास स्थित कच्चातिवु द्वीप को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भारत से अलग करके श्रीलंका को सौंप दिया था। इसके कारण तमिलनाडु के मछुआरों को आज भी अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहां एक ईसाई तीर्थस्थल सेंट एंटोनी चर्च है, जहां यदि मछुआरे अपनी नाव पर भारत का ध्वज लगाकर जाते हैं, तो उन्हें अनुमति नहीं मिलती। यह कांग्रेस की शर्मनाक विदेश नीति का स्मरण है। यह कांग्रेस की शर्मनाक विदेश नीति का दिन है। हम कह सकते हैं कि कांग्रेस का सरेंडर का कैलेंडर 1947 के विभाजन से शुरू होता है, फिर 1948 में पीओके, 1962 में अक्साई चिन, मानसरोवर और कच्चातिवु तक जारी रहा। यह दुखद अध्याय है, जिसे नई पीढ़ी को याद रखना चाहिए।

केरल शराब नीति पर हमला बोलते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, जो हाल ही में केरल में यूडीएफ (कांग्रेस-मुस्लिम लीग गठबंधन) के माध्यम से सत्ता में आई है, मुझे लगता है कि सत्ता का नशा कांग्रेस को इस कदर चढ़ गया है कि केरल सरकार ने एक बेहद शर्मनाक फैसला लिया। उन्होंने लिकर पर एक्साइज ड्यूटी 251 प्रतिशत से घटाकर 121 प्रतिशत कर दी, यानी शराब पर टैक्स आधे से भी कम कर दिया। अब सवाल यह है कि जब टैक्स आधा कर रहे हैं, तो सरकार को राजस्व में कमी आएगी और यह पैसा किसकी जेब में जाएगा? शराब के कारोबारियों की जेब में जाएगा। केरल की युवा पीढ़ी को आप और अधिक शराब के नशे में डुबोना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “विशेष रूप से तब जब केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विधानसभा में कहा है कि ड्रग्स की समस्या केरल में बहुत चुनौतीपूर्ण होती जा रही है और पंजाब जैसी स्थिति बनती जा रही है। इसलिए हम राहुल गांधी से स्पष्ट सवाल पूछना चाहते हैं कि देश के युवाओं के भविष्य के लिए आपके पास क्या योजना है? सस्ती शराब देकर, युवाओं को नशे में डुबोकर और अपने साथी व्यापारियों की जेबें भरकर केरल के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना यह बहुत दुखद है।”

भाजपा सांसद ने कहा कि भाजपा इस विषय पर अपना तीव्र विरोध व्यक्त करती है और कांग्रेस से पूछती है कि सस्ती शराब देकर युवाओं के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि लिकर पॉलिसी को लेकर एलडीएफ और यूडीएफ दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पहले कम्युनिस्टों की एलडीएफ सरकार ने ही ‘लो लिकर’ (कम अल्कोहल वाली शराब) कैटेगरी बनाई थी, ताकि अधिक व्यवसाय करके अपने लोगों को फायदा पहुंचा सकें। और अब कांग्रेस ने उसी पर एक्साइज ड्यूटी कम करके केरल की युवा पीढ़ी को नशे में डुबोने का काम किया है। दोनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं।