चंडीगढ़, 26 जून (आईएएनएस)। पंजाब की एक सरकारी स्कूल की छात्रा टिया को ‘मिशन शक्तिसैट’ के लिए देश की प्रतिनिधि के तौर पर चुना गया है। इसी को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करके टिया को शुभकामनाएं दी।
उन्होंने लिखा, “स्कूल ऑफ एमिनेंस फॉर गर्ल्स, मॉल रोड, अमृतसर की 12वीं कक्षा की मेडिकल छात्रा, टिया को बहुत-बहुत बधाई।” उन्होंने जानकारी दी कि टिया को ‘मिशन शक्तिसैट’ के लिए भारत की प्रतिनिधि के तौर पर चुना गया है।
उन्होंने लिखा, “यह लड़कियों का एक लूनर सैटेलाइट मिशन है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (इन-स्पेस) का समर्थन प्राप्त है और यह 108 देशों को जोड़ता है।”
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि ‘मिशन शक्तिसैट’ के लिए टिया अगस्त 2026 में दिल्ली में होने वाली आठ दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होंगी। इस गौरवान्वित उपलब्धि के लिए शिक्षा मंत्री ने टिया के मेंटर, केमिस्ट्री के लेक्चरर कमल कुमार और प्रिंसिपल मनदीप कौर को भी उनके सराहनीय काम के लिए बधाई दी।
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब वैश्विक स्तर के युवा वैज्ञानिक तैयार कर रहे हैं।
बता दें कि ‘मिशन शक्तिसैट’ एक ग्लोबल स्पेस और एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) एजुकेशन मिशन है, जिसे एयरोस्पेस ऑर्गनाइजेशन ‘स्पेस किड्स इंडिया’ ने लॉन्च किया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर की 12,000 छात्राओं को ट्रेंड कर उपग्रह (सैटेलाइट) निर्माण और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सशक्त बनाना है।
‘मिशन शक्तिसैट’ के लिए दुनिया भर के 108 देशों की लगभग 12,000 छात्राएं, जिनकी उम्र 14 से 18 वर्ष के बीच है, हिस्सा ले रही हैं। इस मिशन के तहत, 108 देशों में से हर देश से चुनी गई एक-एक छात्रा, यानी कुल 108 छात्राएं भारत आएंगी और पेलोड व स्पेसक्राफ्ट प्रोटोटाइप बनाने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेंगी।

