गुरुग्राम, 26 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में एसआईटी जांच के बाद एफआईआर को लेकर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे में गबन करने वाले लोगों को पकड़ा जा चुका है। एसआईटी की जांच का पक्ष पूरा हो गया है। इस मामले में एफआईआर की गई है और पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जिस तरह से जघन्य पाप उन्होंने किया है, जीवन भर जेल से बाहर नहीं निकल पाएंगे। इनको वैसी सजा दिलाई जाएगी कि राम के साथ गद्दारी करने की कोई हिम्मत नहीं कर पाएगा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की ओर से इस मामले को राजनीतिक तौर पर उठाया जा रहा है। इससे पहले भी उनकी ओर से रामलला के प्रति आस्थाएं समाप्त करने के लिए बहुत कोशिश की गई है। उनकी ओर से नए-नए नाम जोड़े जा रहे हैं। क्या एसआईटी उनके कहने से नाम जोड़ेगी? क्या उनको एसआईटी पर विश्वास नहीं है, देश के संविधान पर विश्वास नहीं है? एसआईटी की पूरी रिपोर्ट सामने आने देना चाहिए। अगर किसी को शक है तो कोर्ट का दरवाजा खुला है।
डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि अगर किसी के पास कोई सबूत है तो उनको पुलिस थाने में जमा करना चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा और जो भी व्यक्ति इस मामले में दोषी सिद्ध होगा, चाहे कितने भी बड़े पद पर हो, उसको सजा अवश्य दिलाई जाएगी। लेकिन केवल आरोप लगाकर बचकर निकले जाना संभव नहीं है। उनको सबूत देना चाहिए और अगर नहीं है तो देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। देश की जनता माफ नहीं करेगी। इस विषय का राजनीतिकरण न करें; यह आपके हक में नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि एक और नए व्यक्ति का नाम सामने आया है। एक ऐसा व्यक्ति जो एक ऐसी पार्टी से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने बाला साहेब ठाकरे का नाम लेकर रोजी-रोटी चलाई हैं। हफ्ता वसूली के लिए प्रसिद्ध है। डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि हमारे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे कोई ईंट दे गए थे। अगर उनके पास कोई सबूत है और उन्होंने कोई ईंट दी है तो एफआईआर दर्ज कराना चाहिए। ऐसे बातें करके उनकी ओर से क्या सिद्ध करने की कोशिश की जा रही है?
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महासचिव ने आगे कहा कि बाला साहेब की आत्मा कष्ट में होगी। बाला साहेब ने कहा था कि अगर ढांचा गिरने में मेरे शिवसैनिकों का हाथ है तो मुझे गर्व है और वे उन लोगों की गोदी में बैठकर खेल रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने राम के ऊपर प्रश्नचिन्ह खड़े किए, जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलाईं। देश की जनता और महाराष्ट्र की जनता उनको माफ नहीं करेगी।
डॉ. सुरेंद्र जैन ने आगे कहा कि चंपत राय ने ट्रस्ट के महामंत्री के रूप में इस माहौल में दायित्व को पूरा किया है। आरोप लगने के बाद उनकी ओर से एसआईटी के लिए निवेदन किया गया, एसआईटी को जो कागज चाहिए थे और जो रिकॉर्ड चाहिए थे, उन्होंने वे सारे रिकॉर्ड उपलब्ध कराए। चंपत राय, गोपाल या अनिल मिश्रा को एसआईटी की ओर से बुलाया गया और प्रश्न पूछे गए। ये सभी लोग वहां गए।
उन्होंने कहा कि चंपत राय की ओर से एफआईआर दर्ज करा दी गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद क्या करना है यह चंपत राय को तय करना है। अगर कहीं भी एसआईटी रिपोर्ट में उनका नाम होता, उन पर व्यक्तिगत आरोप होते तो हम उनसे इस्तीफा देने को जरूर कहते। लेकिन उनकी ओर से जांच में पूरा सहयोग किया गया है। उनके सहयोग के कारण जांच इस मुकाम तक पहुंची है। अगर वे त्यागपत्र दे देते तो जांच ज्यादा प्रभावी हो जाती क्या? इसके आगे चंपत राय क्या करेंगे ये उनको ही तय करना है, कोई आरोप लगाने वाला तय नहीं कर सकता।
वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने संजय राउत को लेकर कहा कि वे ऐसे नेता हैं, जो रोज अनाप-शनाप बोलते हैं, गालियां देते हैं और विपक्षी नेताओं को लेकर बकैती करने के लिए जाने जाते हैं। एसआईटी का गठन किया गया है और जांच की जा रही है। यह बहती गंगा में हाथ धोने वाली बात है। संजय राउत की भाषा दुर्भाग्यपूर्ण है। भगवान श्री राम उनको सद्बुद्धि दें।

