Friday, June 26, 2026
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असम पुलिस ने 10.8 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की, एक गिरफ्तार

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गुवाहाटी, 26 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को बताया कि असम पुलिस ने श्रीभूमि जिले में रात भर चले अभियान के दौरान लगभग 10.8 करोड़ रुपए मूल्य की मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप जब्त की है। उन्होंने राज्य के नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह अभियान श्रीभूमि पुलिस द्वारा चलाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकड़ी गई। इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस तस्करी नेटवर्क में शामिल शेष आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चला रही है।

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि असम पुलिस से पंगा लेने पर 10.8 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना देना पड़ता है। रात भर चले अभियान के दौरान इतनी बड़ी खेप को जब्त करने के लिए श्रीभूमि पुलिस को बधाई। एक को गिरफ्तार किया गया है और शेष आरोपियों की तलाश जारी है।

मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई तस्वीरों में जब्ती के बाद संदिग्ध गांजे के दर्जनों पैकेट ढेर लगे हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनमें पुलिसकर्मी और चश्मदीद मौजूद हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खेप के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और इस रैकेट से जुड़े अंतरराज्यीय और सीमा पार के संपर्कों का पता लगाने के प्रयास भी जारी हैं।

असम ने पिछले कुछ वर्षों में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसके साथ ही कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए राज्य भर में नियमित अभियान चला रही हैं।

लगातार चलाए गए अभियानों में भारी मात्रा में हेरोइन, मेथम्फेटामाइन की गोलियां, गांजा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए हैं। पुलिस ने इन अभियानों में सैकड़ों तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि असम की रणनीतिक स्थिति इसे कुख्यात गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले मादक पदार्थों की तस्करी के मार्गों के प्रति संवेदनशील बनाती है। असम बांग्लादेश और भूटान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन, खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों, अंतर-एजेंसी समन्वय, जागरूकता अभियानों और पुनर्वास पहलों को मिलाकर जीरो टोलरेंस अपनाई है।

मुख्यमंत्री सरमाा ने बार-बार जोर देकर कहा है कि राज्य से इस खतरे को जड़ से खत्म करने तक मादक पदार्थों के गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।