मुंबई, 26 जून (आईएएनएस)। दीपा करमाकर, बी अरुणा रेड्डी, आशीष कुमार और प्रणति नायक जैसे खिलाड़ियों के बाद, भारतीय जिम्नास्टिक को दो ऐसे सितारे मले हैं, जिन्होंने भविष्य में कॉन्टिनेंटल और वर्ल्ड लेवल पर पदक की उम्मीदें जगाई हैं।
हर्षित दामोदरन और अक्षत बजाज ने भारत के लिए वो मुकाम हासिल किया है जो अब तक कोई नहीं कर पाया। इस सप्ताह की शुरुआत में जुनी में हुई 13वीं सीनियर और 19वीं जूनियर पुरुष आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक एशियन चैंपियनशिप में जूनियर पुरुष वॉल्ट इवेंट में 1-2 नंबर पर रहे।
हर्षित दामोदरन ने 23 जून को जूनियर पुरुष वॉल्ट इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
उन्होंने वॉल्ट फाइनल में 13.649 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। अक्षत बजाज ने 13.433 स्कोर के साथ रजत पदक और उज्बेकिस्तान के बेकजाद बख्तियारोव ने 13.283 स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। इन एथलीटों की सफलता भारतीय जिम्नास्टिक के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
इससे पहले, दीपा करमाकर, अरुणा रेड्डी, आशीष कुमार और प्रणति नायक जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीनियर स्तर पर पदक जीते हैं। दीपा, जिन्होंने 2018 विश्व कप मर्सिन और 2024 एशियाई चैंपियनशिप ताशकंद में स्वर्ण पदक जीते, ने 2016 में रियो ओलंपिक में प्रोडुनोवा को उजागर करके दुनिया को चौंका दिया। उससे पहले आशीष ने 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। अरुणा रेड्डी ने मेलबर्न में आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीता था। प्रणति नायक ने पिछले कुछ वर्षों में एशियन चैंपियनशिप और एफआईजी वर्ल्ड कप में कई रजत और कांस्य पदक जीते हैं।
कॉन्टिनेंटल फेडरेशन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहा, “भारत ने जूनियर फाइनल्स के सबसे अच्छे नतीजे हासिल किए हैं। हर्षित दामोदरन (13.649) ने साथी अक्षत बजाज (13.433) को हराकर स्वर्ण पदक जीता।”
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने एक्स पर लिखा, “एशियन आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में जूनियर पुरुष वॉल्ट इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने पर हर्षित दामोदरन को बहुत-बहुत बधाई। उनकी शानदार उपलब्धि, साथ ही इस इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण और रजत आया। ऐतिहासिक टीम कांस्य पदक, देश के लिए गर्व का पल है। उन्हें लगातार सफलता की शुभकामनाएं, वह और भी ऊंचाइयों को छू रहे हैं और भारत के लिए सम्मान ला रहे हैं।”
यह उपलब्धि, 19 जून को टीम के कांस्य पदक जीतने के बाद मिली, जिसने ओडिशा सरकार द्वारा समर्थित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता को भी दिखाया, जिसका दामोदरन और बजाज दोनों हिस्सा हैं। अब दोनों सीनियर इवेंट्स में पदक जीतने की कोशिश करेंगे, जिसमें 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले दामोदरन ने क्वालीफाइंग राउंड में टॉप करके उम्मीदें जगाईं और फाइनल में शानदार प्रदर्शन करके उम्मीदों पर खरे उतरे। उनके शुरुआती हैंडस्प्रिंग फ्रंट डबल ट्विस्ट से उन्हें 13.866 अंक मिले, जबकि दूसरी कोशिश में त्सुकाहारा 720 ने उन्हें एक सॉलिड स्कोर के साथ खत्म करने में मदद की, जिससे आखिरकार 13.649 के साथ स्वर्ण पदक मिला। बजाज भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने त्सुकाहारा 720 और युर्चेंको 720 रूटीन को पूरी तरह से करके 13.433 के औसत के साथ रजत पदक जीता।

