Saturday, June 27, 2026
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केम्पेगौड़ा जयंती पर कर्नाटक सरकार का बड़ा अभियान, बेंगलुरु में लगाए जाएंगे 15 लाख पौधे

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बेंगलुरु, 27 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती के अवसर पर बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थापित 108 फीट ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ प्रॉस्पेरिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने बेंगलुरु में 15 लाख पौधे लगाने के विशेष अभियान की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल नादप्रभु केम्पेगौड़ा की पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास की दूरदर्शी सोच को समर्पित है।

देवनहल्ली स्थित केम्पेगौड़ा की कांस्य प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान आदिचुंचनगिरि मठ के निर्मलानंदनाथ स्वामीजी, सीरा तालुक के स्पटिकपुरी मठ के नंजावधूत स्वामीजी तथा विश्व वोक्कालिगरा मठ के निश्चलानंदनाथ महास्वामीजी भी मौजूद रहे। बाद में मुख्यमंत्री ने प्रतिमा के समीप विकसित किए गए थीम पार्क का भी दौरा किया।

समारोह को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने राज्यवासियों को केम्पेगौड़ा जयंती की शुभकामनाएं दीं और कहा कि बेंगलुरु के संस्थापक की दूरदर्शिता, प्रशासनिक सोच और आदर्श आज भी शहर के विकास का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “केम्पेगौड़ा के विचारों और मूल्यों को ध्यान में रखते हुए कई कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। वृक्षारोपण अभियान के साथ मैराथन का आयोजन किया जा रहा है और मंगडी स्थित केम्पेगौड़ा किले के व्यापक विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना भी शुरू की गई है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगडी स्थित केम्पेगौड़ा स्मारक के आसपास 10 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें से साढ़े पांच एकड़ जमीन पहले ही खरीदी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिया गया है कि बेंगलुरु आने वाले यात्रियों को शहर के संस्थापक केम्पेगौड़ा के योगदान से परिचित कराने के लिए हवाई अड्डे के ट्रंपेट इंटरचेंज के पास आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की विस्तृत योजना तैयार की जाए।

शिवकुमार ने कहा, “हम चाहते हैं कि बेंगलुरु आने वाला हर व्यक्ति शहर के संस्थापक के बारे में जाने। एयरपोर्ट अथॉरिटी से विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंपने को कहा गया है।”

उन्होंने बताया कि इससे पहले सरकार ने सुमनहल्ली के पास केम्पेगौड़ा भवन के निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित की थी और केम्पेगौड़ा के नाम पर एक टाउन प्लानिंग कॉलेज स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने 108 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण के लिए पूर्व भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रतिमा हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। इस संबंध में संतों और मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के साथ चर्चा के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी को इसकी दृश्यता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिमा के आसपास हरित क्षेत्र में काफी वृद्धि हुई है और थीम पार्क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जिसका जल्द उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने थीम पार्क के रखरखाव की जिम्मेदारी लेने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब केम्पेगौड़ा जयंती का आयोजन केवल विधान सौधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अगले 28 वर्षों तक बेंगलुरु के सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में मनाया जाएगा। इसके अलावा राज्यभर के सभी विधानसभा क्षेत्रों और वार्ड स्तर पर भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बेंगलुरु के तेजी से हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए शिवकुमार ने कहा कि शहर की आबादी लगभग 1.40 करोड़ हो चुकी है और यहां करीब 1.30 करोड़ पंजीकृत वाहन हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष में मेट्रो सेवा को हवाई अड्डे तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है और आगामी दो वर्षों में बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क को लगभग 500 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि केम्पेगौड़ा किसी एक समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे समाज के नेता हैं। उनकी जयंती का उद्देश्य किसी जाति विशेष का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उनके प्रशासनिक मॉडल, दूरदर्शिता और बेंगलुरु के समग्र विकास के प्रति उनकी सोच को आगे बढ़ाना है।

बता दें कि 16वीं शताब्दी के शासक नादप्रभु केम्पेगौड़ा प्रथम को आधुनिक बेंगलुरु का संस्थापक माना जाता है। उन्होंने वर्ष 1537 में मिट्टी का किला बनवाकर नियोजित बाजारों, आवासीय क्षेत्रों, तालाबों और मंदिरों का विकास कराया था। जल संरक्षण, कृषि, व्यापार और शहरी नियोजन के क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी बेंगलुरु के विकास की आधारशिला माना जाता है।