बेंगलुरु, 28 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर कर्नाटक में बिकने वाले किसी भी तरह के पान मसाला और गुटखा में थोड़ी भी मात्रा में नशीले पदार्थ पाए गए, तो उनकी बिक्री पर रोक लगा दी जाएगी।
रविवार को बेंगलुरु के कांतीरवा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरजीयूएचएस) के 31वें स्थापना दिवस समारोह और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ कार्यक्रम में बोलते हुए शिवकुमार ने ये बात कही।
उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि पान मसाला, गुटखा, सुपारी से बने उत्पादों और ऐसी ही दूसरी चीजों में नशीले पदार्थ मिलाकर बाजार में बेचे जा रहे हैं। अगर यह सच है और इसे तुरंत नहीं रोका गया, तो कर्नाटक में सभी तरह के पान मसाला और गुटखा उत्पादों की बिक्री पर बैन लगा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नशा-मुक्त कर्नाटक बनाना है। इसीलिए हम ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। आप सभी इस मिशन के एंबेसडर हैं। नशीली दवाओं की लत को रोकना एक बड़ी चुनौती है, और हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि युवा पीढ़ी नशे की लत के जाल में न फंसे। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। लोगों की जान बचाने जैसे नेक काम को चुनने के लिए मैं आप सभी को बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज देश की सबसे बड़ी हेल्थ साइंसेज यूनिवर्सिटी है और इसने सबसे ज्यादा डॉक्टर तैयार किए हैं। कर्नाटक में 70 मेडिकल कॉलेज हैं, जो भारत के किसी भी अन्य राज्य से ज्यादा हैं। मैं राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की स्थापना के लिए वीरप्पा मोइली का धन्यवाद करता हूं।
उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। बेंगलुरु का मौसम देश में कहीं और नहीं मिलता, इसीलिए इसे अक्सर ‘एयर-कंडीशंड शहर’ कहा जाता है। किसी भी दूसरे राज्य में कर्नाटक जितने अस्पताल नहीं हैं। कर्नाटक देश की मेडिकल राजधानी भी है। यूनिवर्सिटी को जल्द ही बेंगलुरु दक्षिण जिले में इसके नए कैंपस में शिफ्ट किया जाएगा।

