Thursday, July 2, 2026
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ट्रंप ने थियोडोर रूजवेल्ट की तारीफ की, बोले- उनकी जिंदगी हमें याद दिलाती है कि अमेरिकी कभी हार नहीं मानते

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वॉशिंगटन, 2 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के जश्न से पहले नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन के मौके पर पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट की विरासत का जिक्र करते हुए साहस, महत्वाकांक्षा और राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया।

बुधवार (स्थानीय समय) को लाइब्रेरी के उद्घाटन और बाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ट्रंप ने रूजवेल्ट को एक ऐसे नेता के तौर पर बताया जिन्होंने हमारे देश के दिल, आत्मा, संघर्ष और जज्बे को किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में सबसे बेहतर ढंग से साकार किया।

यह कार्यक्रम अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति को समर्पित प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के औपचारिक उद्घाटन का मौका था। इंटीरियर सेक्रेटरी डग बर्गम ने ट्रंप की मौजूदगी को एक ऐतिहासिक पल बताया और कहा कि यह पहली बार था जब अमेरिका के किसी मौजूदा राष्ट्रपति ने लाइब्रेरी को समर्पित करने में मदद की।

ट्रंप ने लाइब्रेरी को थियोडोर रूजवेल्ट का कांग्रेसनल ‘मेडल ऑफ ऑनर’ भेंट किया, जिसे व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में रखा गया था।

ट्रंप ने कहा, “इसके बिना मुझे वहां थोड़ा अकेलापन महसूस होगा, लेकिन मुझे लगा कि इसे यहां रखना बहुत ही सही रहेगा। यह सच में एक लाइब्रेरी, म्यूजियम, एक सेंटर और एक शानदार श्रद्धांजलि है।”

राष्ट्रपति ने रूजवेल्ट की तारीफ करते हुए कहा कि वे उन कुछ ऐतिहासिक हस्तियों में से एक हैं जिनका वे बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, “आज हम अमेरिका के दिल में उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने आए हैं, जिन्होंने (पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट) हमारे देश के दिल, आत्मा, संघर्ष और जज्बे को किसी भी अन्य व्यक्ति की तरह ही जिया और दिखाया।”

रूजवेल्ट के जीवन का बार-बार जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “थियोडोर रूजवेल्ट का जीवन हमें याद दिलाता है कि अमेरिकी कभी हार नहीं मानते। उन्होंने अपने सपनों या अमेरिका के भविष्य को संवारने की कोशिश में कभी रुकना, हार मानना ​​या घुटने टेकना नहीं सीखा और हम भी ऐसा नहीं करेंगे।”

ट्रंप ने रूजवेल्ट के आदर्शों को अपने राजनीतिक संदेश से भी जोड़ा, क्योंकि अगले साल ‘आजादी की घोषणा’ के 250 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाना है।

उन्होंने कहा, “जब हम अपने 250वें साल में प्रवेश कर रहे हैं, तो अमेरिकियों को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम एक ऐतिहासिक और साहसी लोग हैं, जिनमें साहसी भावना है और इस दुनिया में एक साहसी मकसद है।”

ट्रंप ने कहा, “थियोडोर रूजवेल्ट हम सभी को याद दिलाते हैं कि एक महान राष्ट्र और एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने के लिए हमारे पास साहस होना चाहिए। जैसा कि टी.आर. ने एक बार कहा था, ‘आजादी कोई ऐसा तोहफा नहीं है जो कायरों के हाथों में लंबे समय तक टिकता है’।”

राष्ट्रपति ने कहा कि रूजवेल्ट ने ‘विफलता, औसत दर्जे का काम, भ्रष्टाचार, पतन या गिरावट’ को नकार दिया था और तर्क दिया कि अमेरिका को भी उसी रास्ते पर चलना चाहिए।

ट्रंप ने कहा, “उन्होंने बहादुरी से उस चीज के लिए लड़ाई लड़ी जिसे उन्होंने ‘नया राष्ट्रवाद’ कहा था यानी पार्टी की राजनीति, लॉबिस्ट, पहचान की राजनीति और खास हितों से ऊपर पूरे देश और सभी लोगों की जरूरतों को रखना। वह जानते थे कि सच्ची देशभक्ति के लिए मजदूरों, पर्यावरण और खुद देश की सेहत, संस्कृति और अखंडता का ध्यान रखना जरूरी है।”

ट्रंप ने कई मौजूदा मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें इमिग्रेशन, आर्थिक नीति, पनामा नहर, ईरान, सेना में भर्ती और जिसे उन्होंने कम्युनिज्म का खतरा बताया, वे शामिल थे। उन्होंने घोषणा की कि ‘नेशनल एंडोमेंट फॉर द ह्यूमैनिटीज’ लाइब्रेरी को उसके शुरुआती साल की प्रदर्शनियों के लिए 750,000 डॉलर की मदद देगी।

थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी मेडोरा में बनाई गई है, जो नॉर्थ डकोटा का एक शहर है। रूजवेल्ट ने 1880 के दशक में निजी दुखद घटनाओं के बाद अपने जीवन के अहम साल यहीं बिताए थे। इतिहासकार मानते हैं कि अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति बनने से पहले, ‘बैडलैंड्स’ में मिले अनुभवों ने ही उनके संरक्षण के नजरिए, जन-सेवा और नेतृत्व की शैली को आकार दिया था।

यह लाइब्रेरी ऐसे समय में खुल रही है जब अमेरिका 4 जुलाई 2026 को ‘आजादी की घोषणा’ की 250वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है। यह खास मौका ट्रंप प्रशासन के सार्वजनिक कार्यक्रमों का मुख्य विषय रहा है, जिसमें अधिकारी देश भर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए देश के बुनियादी आदर्शों, ऐतिहासिक हस्तियों और राष्ट्रीय धरोहर को उजागर कर रहे हैं।