Thursday, July 2, 2026
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होर्मुज में ट्रैफिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, ऐसे आंकड़े पहले कभी नहीं देखे गएः ट्रंप

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वॉशिंगटन, 2 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है और तेल की कीमतों में और गिरावट आने का अनुमान जताया। नॉर्थ डकोटा में एक भाषण के दौरान उन्होंने ईरान के साथ स्थिति का सकारात्मक आकलन पेश किया।

ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी का उद्घाटन करते हुए कहा, “नावें होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर आ रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में नावें बाहर आ रही हैं, जितनी पहले कभी नहीं देखी गईं। असल में हम रिकॉर्ड बना रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “तेल की कीमतें गिर रही हैं। मुझे कोई परवाह नहीं कि वे खुश हैं या दुखी, मैं चाहता हूं कि कीमतें कम हों। तेल की कीमतें इतनी तेजी से गिर रही हैं, जितना किसी ने सोचा भी नहीं था, लेकिन मैंने आपसे कहा था कि ऐसा होगा। हमारा हर चीज पर पूरा कंट्रोल है।”

ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति पर चर्चा करते हुए ईरान का भी संक्षेप में जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हम असल में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ भी उतना ही अच्छा काम कर रहे हैं। शायद आपने इसके बारे में सुना होगा।”

ट्रंप ने थियोडोर रूजवेल्ट को याद करने और अपने प्रशासन की घरेलू और विदेशी नीति के एजेंडे पर बात करने के बीच बार-बार अपनी बात बदली। उन्होंने ऊर्जा की कम कीमतों को व्यापक आर्थिक सुधार से जोड़ा।

ट्रंप ने कहा, “यह अमेरिका के सुनहरे दौर की बस शुरुआत है। अमेरिका कुछ ऐसा अनुभव करने जा रहा है, जिसके बारे में मैं सचमुच कह सकता हूं कि मुझे विश्वास है कि सबसे अच्छा समय अभी आना बाकी है।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने अपनी अंतरराष्ट्रीय साख फिर से हासिल कर ली है।

उन्होंने कहा, “आज अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और सम्मानित है। दूसरे देश अब अमेरिका को पहले के मुकाबले अलग नजरिए से देखते हैं।

फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां से दुनिया भर में व्यापार होने वाले कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस जलमार्ग से होने वाले जहाजों के आवागमन में किसी भी तरह की रुकावट पर ऊर्जा बाजार और तेल आयात करने वाले प्रमुख देशों की कड़ी नजर रहती है।