नोएडा, 2 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 21.27 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस ने अभिसूचना संकलन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर की।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो लोगों को फर्जी लिंक भेजकर उनके बैंक खातों से रकम उड़ाने का काम करता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन कुमार, शाहनवाज शेख, शिवम पांडेय और शुभम कुमार सिंह के रूप में हुई है। इनमें सचिन कुमार गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र का निवासी है, जबकि शाहनवाज शेख, शिवम पांडेय और शुभम कुमार सिंह गौतमबुद्धनगर के बिसरख क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी खुद को आईजीएल कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को बिल भुगतान के नाम पर फर्जी लिंक भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस लिंक पर क्लिक करता था, उसके मोबाइल का अनधिकृत एक्सेस साइबर ठगों के पास पहुंच जाता था। इसके बाद आरोपी मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी का दुरुपयोग कर खातों से बड़ी रकम निकाल लेते थे।
इस मामले में एक पीड़ित से करीब 21.27 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सीधे तौर पर लोगों को कॉल नहीं करते थे, बल्कि साइबर अपराधियों को 10 से 20 प्रतिशत कमीशन के बदले अपने क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे। इन्हीं कार्डों के जरिए ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, सचिन कुमार के क्रेडिट कार्ड में ठगी की 1,49,490 रुपए की राशि प्राप्त हुई, जबकि शाहनवाज शेख के कार्ड में कुल 4,78,000 रुपए ट्रांसफर किए गए। वहीं, शिवम पांडेय और शुभम कुमार सिंह द्वारा भी साइबर अपराधियों को अपने क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए गए थे।
अब तक इनके खातों में लगभग 6.5 लाख रुपए की ठगी की रकम आने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा आईटी एक्ट की धाराओं 66, 66सी और 66डी के तहत मुकदमा दर्ज है। मामले में अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंक, गैस कंपनी या किसी अन्य संस्था के नाम पर आने वाले कॉल और संदेशों की आधिकारिक नंबर से पुष्टि करें तथा ओटीपी, बैंक विवरण और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
–आईएएनएस
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