पटना, 7 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने अभिषेक कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। टिकट मिलने के बाद अभिषेक कुमार ने पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक साधारण कार्यकर्ता पर जताया गया विश्वास बताया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे और पूरे समर्पण के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। अभिषेक की पत्नी अमृता कृष्णा और पिता रवींद्र प्रसाद ने भी उनकी उम्मीदवारी पर खुशी जताते हुए जीत का भरोसा व्यक्त किया।
अभिषेक कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भाजपा ने एक सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देकर यह साबित किया है कि पार्टी में मेहनत और समर्पण का सम्मान किया जाता है। वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, बिहार भाजपा नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। पिछले 26 वर्षों से वह बांकीपुर क्षेत्र में एक कार्यकर्ता के रूप में लगातार सक्रिय रहे हैं और जनता के बीच काम करते रहे हैं। इसी अनुभव के आधार पर वह क्षेत्र की समस्याओं और लोगों की अपेक्षाओं से अच्छी तरह परिचित हैं। वह कार्यकर्ताओं और जनता के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे भी काम करते रहेंगे।
अभिषेक कुमार ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट रही है। इस क्षेत्र के विकास में राष्ट्रीय नेतृत्व का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और वह उसी कार्यशैली और प्रतिबद्धता के साथ जनता की सेवा करने का प्रयास करेंगे। वह स्वयं को केवल भाजपा का एक साधारण कार्यकर्ता मानते हैं और पार्टी ने जो विश्वास उन पर जताया है, उसे पूरी निष्ठा से निभाने का प्रयास करेंगे। चुनावी मुकाबले को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की चुनौती महसूस नहीं होती और उनका पूरा ध्यान जनता के बीच काम करने पर रहेगा।
अभिषेक कुमार की पत्नी अमृता कृष्णा ने कहा कि पति को जनता की सेवा करने का अवसर मिला है और लोगों को उनका साथ देना चाहिए। अभिषेक ने अपना पूरा जीवन सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में लगाया है तथा हमेशा लोगों के हित को प्राथमिकता दी है। अभिषेक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह अपने बारे में कम और समाज के बारे में अधिक सोचते हैं। अभिषेक हर वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय हैं क्योंकि वे लगातार लोगों के बीच रहकर काम करते हैं।
चुनावी चुनौती के बारे में पूछे जाने पर अमृता कृष्णा ने कहा कि यह सही है कि अभिषेक पहली बार इस स्तर का चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए मुकाबला आसान नहीं होगा। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि मेहनत और जमीनी जुड़ाव के दम पर वह जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए अनुभव समय के साथ आता है और उन्हें भरोसा है कि अभिषेक इस जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाएंगे।
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा बांकीपुर सीट पर चुनौती पेश किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर नई पार्टी चुनाव लड़ सकती है, लेकिन अभिषेक पिछले कई वर्षों से संगठन में सक्रिय हैं और राजनीति के उतार-चढ़ाव को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता उनके काम को देखते हुए उन्हें विजयी बनाएगी।
अभिषेक कुमार के पिता रवींद्र प्रसाद ने भी बेटे को टिकट मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह गर्व का क्षण है और उनकी कामना है कि जिस प्रकार पार्टी ने उन पर विश्वास जताया है, उसी प्रकार जनता भी उन्हें भारी मतों से विजयी बनाए। अभिषेक ने राजनीति की शुरुआत बेहद साधारण कार्यकर्ता के रूप में की थी। उन्होंने पोस्टर लगाने, बैनर लगाने, हैंडबिल बांटने और संगठन के छोटे-से-छोटे कार्यों से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। यहां तक कि शुरुआती दिनों में उन्होंने संगठन के काम के लिए अपनी पढ़ाई तक प्रभावित होने दी।
प्रशांत किशोर की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए रवींद्र प्रसाद ने कहा कि अभिषेक लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय जमीनी कार्यकर्ता हैं और संगठन की हर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में उनके बेटे को किसी प्रकार की बड़ी चुनौती नहीं है और जनता उनके काम के आधार पर उन्हें समर्थन देगी।

