नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि कैबिनेट ने दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत के वैज्ञानिक अध्ययन, दस्तावेजीकरण और डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए अभिलेखागार (आर्काइव्स) और पुरातत्व (आर्कियोलॉजी) के क्षेत्र में रिसर्च फेलोशिप को मंजूरी दी है।
सीएम ने कहा कि प्रस्ताव के तहत लगभग 27 फेलो को एक साल के लिए 25,000 रुपए से 50,000 रुपए तक की मासिक फेलोशिप मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अब दुनिया भारत की राजधानी दिल्ली के आधिकारिक और प्रामाणिक इतिहास को बेहतर ढंग से समझ सकेगी। एक ऐसा इतिहास जो सदियों से अभिलेखागारों, पांडुलिपियों, पुरातात्विक स्थलों और स्मारकों में सुरक्षित रखा गया है।
उन्होंने कहा, “इन फेलोशिप के माध्यम से, दिल्ली का इतिहास शोध-आधारित और प्रामाणिक तरीके से आने वाली पीढ़ियों और दुनियाभर के शोधकर्ताओं के सामने पेश किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली कैबिनेट ने इसी उद्देश्य से दोनों फेलोशिप योजनाओं को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली न केवल राष्ट्रीय राजधानी है, बल्कि हजारों वर्षों के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की जीवंत विरासत भी है। इस अमूल्य विरासत को संरक्षित करना, इसके वैज्ञानिक अध्ययन और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण को सुनिश्चित करना और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुलभ बनाना दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए ही फेलोशिप मंजूर की गई हैं। ‘आर्काइव्स रिसर्च फेलोशिप’ का उद्देश्य उच्च-गुणवत्ता वाले अभिलेखीय शोध को बढ़ावा देना, अभिलेखीय प्रबंधन को मजबूत करना, ऐतिहासिक रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित करना और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाना है।
यह योजना शोधकर्ताओं, अभिलेखागार विशेषज्ञों, संरक्षण विशेषज्ञों, इतिहासकारों, भाषाविदों और विरासत विशेषज्ञों को दिल्ली के इतिहास और अभिलेखीय विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर विशेष अध्ययन करने के लिए एक संस्थागत मंच प्रदान करेगी।
फेलोशिप के तहत रिकॉर्ड प्रबंधन, अभिलेखीय सामग्री संरक्षण और बचाव, रिकॉर्ड डिजिटलीकरण, जानकारी और डेटा का प्रसार, माइक्रोफिल्मिंग और रीप्रोग्राफी, शोध और प्रकाशन, और ओरिएंटल भाषाओं (विशेषकर उर्दू और फारसी) से संबंधित विषयों जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा।
हर साल, एक साल के कार्यकाल के लिए कुल 15 फेलो चुने जाएंगे और उन्हें 25,000 रुपए से 50,000 रुपए तक की मासिक फेलोशिप मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पुरातत्व रिसर्च फेलोशिप’ का उद्देश्य दिल्ली के समृद्ध पुरातात्विक स्थलों और स्मारकों के अध्ययन, संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है।
यह योजना विशेष रूप से दिल्ली के कम ज्ञात ऐतिहासिक स्मारकों के इतिहास, पुरातत्व, वास्तुकला और संरक्षण पर शोध को प्रोत्साहित करेगी, जिससे विरासत संरक्षण और पर्यटन दोनों को नई गति मिलेगी।

