Tuesday, July 14, 2026
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सोपोर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फरार ड्रग्स तस्कर की 1.23 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त

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श्रीनगर, 13 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की सोपोर पुलिस ने एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस) एक्ट के तहत फरार ड्रग्स तस्कर की 1.23 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। इसी के साथ पुलिस ने नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में चल रहे ‘100-दिन के नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में सोपोर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 68एफ के प्रावधानों के तहत एक फरार और कुख्यात ड्रग तस्कर की 1.23 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की दो अचल संपत्तियों को जब्त किया है।

जब्त की गई संपत्तियों में बाउंड्री वॉल वाला दो मंजिला रिहायशी घर और सर्वे नंबर 365 मिन के तहत 1 कनाल 10 मरला जमीन, जिनकी कुल कीमत 1.23 करोड़ रुपए से ज्यादा है, शामिल हैं। ये संपत्तियां मोहम्मद अशरफ मीर उर्फ ​​आशु (निवासी: जामिया कदीम, सोपोर; वर्तमान पता: क्रंकशिवन कॉलोनी, नगीन बाग-बी, सोपोर) की हैं।

यह जब्ती पुलिस स्टेशन सोपोर की एफआईआर नंबर 23/2026 के सिलसिले में की गई है। विस्तृत वित्तीय जांच से पता चला कि ये संपत्तियां अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई से खरीदी गई थीं। जब्ती की प्रक्रिया एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के अनुसार स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी की गई।

आरोपी इस एनडीपीएस मामले में फरार है। उसके खिलाफ पहले ही ‘ह्यू एंड क्राई नोटिस’ (सार्वजनिक सूचना)/’लुक आउट नोटिस’ जारी किया जा चुका है। वह कई अन्य एनडीपीएस मामलों में भी शामिल है, जो ड्रग तस्करी की गतिविधियों में उसकी लगातार संलिप्तता को दर्शाता है।

इस कार्रवाई के साथ सोपोर पुलिस ने नशीले पदार्थों के व्यापार को बनाए रखने वाले वित्तीय ढांचे के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। अवैध रूप से हासिल की गई संपत्तियों को जब्त करने का मकसद ड्रग तस्करों को अपराध से हुई कमाई से वंचित करना और नार्को-नेटवर्क की आर्थिक नींव को खत्म करना है।

इसी के साथ सोपोर पुलिस ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ अपनी ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को दोहराती है। नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी और वित्तीय कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई ‘100-दिवसीय नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत नशीली दवाओं की समस्या को खत्म करने और एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशा-मुक्त समाज बनाने के लिए की जा रही लगातार कोशिशों का हिस्सा है।