गोपालगंज, 15 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज जिले में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी समीर सौरभ ने संबंधित अधिकारियों के साथ डुमरिया घाट और गौसिया बांध का निरीक्षण कर तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने, तटबंधों की नियमित जांच करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि जिन स्थानों पर नदी का दबाव अधिक रहता है, वहां 24 घंटे निगरानी रखी जाए। साथ ही गश्ती दलों की सक्रियता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की क्षति या रिसाव की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पहले से ही पूरी तरह तैयार है और किसी भी परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में देरी नहीं होने दी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि सारण तटबंध तथा उससे जुड़ी सभी सहायक संरचनाएं फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए तटबंधों पर लगातार गश्ती कराई जा रही है। जिन इलाकों में नदी का सीधा दबाव पड़ता है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने तकनीकी टीमों को भी लगातार निगरानी में लगाया है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।
जिलाधिकारी समीर सौरभ ने बताया कि जिले के उत्तरी छोर से लेकर दक्षिणी छोर तक मुख्य तटबंध का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल्मीकि नगर बराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में भी कमी आई है, जिससे फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। वर्तमान जलप्रवाह तटबंध की क्षमता से काफी कम है और इससे किसी प्रकार का तत्काल खतरा नहीं है।
डीएम के अनुसार, मुख्य तटबंध लगभग 6 से 6.5 लाख क्यूसेक पानी का दबाव सुरक्षित रूप से झेलने में सक्षम है। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी, गश्ती और तकनीकी जांच में जुटी हुई हैं। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी, गश्ती और तकनीकी जांच में जुटी हुई हैं, इसलिए फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।

