बेंगलुरु, 15 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को क्लीनचिट मिलने के बाद राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने बुधवार को कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस दुखद घटना के असली जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश कर रही है।
आर. अशोक ने कहा कि 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में 11 निर्दोष युवाओं की जान गई थी, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “शोक में डूबे माता-पिता के आंसू और उनकी बद्दुआ इस हत्यारी कांग्रेस सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।”
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन 11 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है। अगर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अब पुलिस अधिकारी भी निर्दोष हैं, तो फिर इन लोगों की जान कैसे गई। उन्होंने इसे “सरकार प्रायोजित त्रासदी” बताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की।
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की आईपीएल जीत का जश्न मनाने की अनुमति दी थी। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (जो मौजूदा समय में मुख्यमंत्री हैं) हादसे के बीच भी आरसीबी का झंडा लेकर फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस की चेतावनी के बावजूद तत्कालीन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (डीपीएआर) की सचिव सत्यवती ने कार्यक्रम को विधान सौधा के सामने आयोजित कराने पर जोर दिया। वहीं, उस समय की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश पूरे प्रशासनिक तंत्र की निगरानी कर रही थीं।
बता दें कि विधान सौधा बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित राज्य की द्विसदनीय विधायिका (विधान सभा और विधान परिषद) का भव्य मुख्यालय है।
आर. अशोक ने कहा, “आज सिद्दारमैया की कोई गलती नहीं, डीके शिवकुमार निर्दोष हैं, मुख्य सचिव निर्दोष हैं, डीपीएआर सचिव निर्दोष हैं और अब पुलिस अधिकारियों को भी क्लीन चिट मिल गई। तो फिर उन 11 मासूम लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है? क्या उनकी मौत अपने आप हो गई?”
उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था और पहले ही कहा था कि सरकार द्वारा गठित हर जांच समिति का मकसद मामले को दबाना है, न कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना। कांग्रेस सरकार की मंशा दोषियों पर कार्रवाई करने की नहीं है।
आर. अशोक ने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती। जनता सब कुछ देख रही है। लोग इस घटना को भूले नहीं हैं और समय आने पर जनता इस हत्यारी कांग्रेस सरकार को उचित जवाब देगी।
कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामले में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों बी. दयानंद, विकास कुमार विकास और शेखर एच. टेक्कन्नावर को क्लीन चिट दे दी। इसके साथ ही ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (सेवाएं- 4) द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों में कहा गया कि सक्षम प्राधिकारी ने अधिकारियों के जवाब और प्रशासनिक विभाग की राय पर विचार करने के बाद एआईएस नियम 8(4) के तहत शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को बंद करने का फैसला लिया है।
4 जून 2025 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की पहली आईपीएल खिताबी जीत के जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 56 लोग घायल हुए थे।
जांच में सामने आया था कि स्टेडियम और उसके आसपास करीब 2.5 लाख लोग जमा हो गए थे, जिससे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मृतकों में छह पुरुष और पांच महिलाएं शामिल थीं। इस हादसे के बाद कई जांच शुरू हुईं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और कार्यक्रम आयोजकों तथा सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई थी।

