कोलकाता, 15 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार को नैहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अशोक चटर्जी को वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया।
पुलिस अशोक चटर्जी को नैहाटी स्थित उनके घर से हिरासत में लेकर स्थानीय थाने गई। उनकी गिरफ्तारी शहर के एक मंदिर से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत के बाद की गई। यह शिकायत मंदिर समिति के कुछ सदस्यों ने दर्ज कराई थी। इसके अलावा, जांच अधिकारी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के अन्य आरोपों की भी जांच कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशोक चटर्जी को बुधवार को बैरकपुर सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच अधिकारी अदालत से उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की मांग कर सकते हैं।
पुलिस के मुताबिक, अशोक चटर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं में एक और मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने और दंगा करने जैसे आरोप शामिल हैं।
स्थानीय मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैंने 11 साल तक लोगों की सेवा की है। मुझे लगता है कि मेरे साथ कहीं न कहीं अन्याय हुआ है या फिर कोई गलतफहमी हुई है।”
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नैहाटी से भाजपा विधायक सुमित्रो चटर्जी ने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी या गलत काम हुआ है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
मंदिर के पैसों में कथित गड़बड़ी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के चेयरमैन होने के नाते अगर कोई वित्तीय अनियमितता हुई है तो अशोक चटर्जी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति बनाकर ऑडिट कराया जाएगा।
बता दें कि मंदिर समिति के सचिव तापस भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अशोक चटर्जी पर वित्तीय गड़बड़ी और पैसों के हेरफेर के आरोप लगाए हैं।
अशोक चटर्जी की गिरफ्तारी उनके बेटे अभिजीत चटर्जी की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद हुई है। अभिजीत को भ्रष्टाचार, यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली और मारपीट से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
नैहाटी नगरपालिका देश की सबसे पुरानी नगरपालिकाओं में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1869 में हुई थी। यह प्रसिद्ध साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्मस्थान भी है।

