Tuesday, July 21, 2026
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राष्ट्रपति मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा से दोनों देशों के बीच ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म और टैलेंट को म‍िलेगी नई द‍िशा : एमईए

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चिसीनाउ, 20 जुलाई (आईएएनएस)। मोल्दोवा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की राजकीय यात्रा के दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने विदेश मंत्रालय की विशेष ब्रीफिंग को संबोध‍ित क‍िया। उन्‍होंने राष्‍ट्रपत‍ि की यात्रा से जुड़े प्रमुख पहलुओं की जानकारी दी।

उन्‍होंने बताया क‍ि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यह यात्रा भारत और मोल्दोवा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच संपर्क को बेहतर करने में मददगार साब‍ित होगी।

सिबी जॉर्ज ने बताया क‍ि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यात्रा के दौरान मोल्दोवा गणराज्य की संसद के स्पीकर से मुलाकात की और भारत-मोल्दोवा संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने संसद का दौरा भी किया। इन मुलाकातों से यह बात सामने आई कि संसदीय लोकतंत्र दोनों देशों के बीच आपसी समझ बढ़ाने, संस्थागत संबंधों को मजबूत करने और दोनों लोकतांत्रिक समाजों को करीब लाने में अहम भूमिका निभाता है।

जॉर्ज ने बताया क‍ि इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोल्दोवा के राष्ट्रपति के साथ मिलकर भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। यह मोल्दोवा में आयोजित इस तरह का पहला कार्यक्रम था।

इस फोरम में दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने व्यापार, निवेश, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसरों पर चर्चा की। इस यात्रा का एक प्रमुख फोकस 4-टी यानी ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म और टैलेंट रहा।

सचिव जॉर्ज ने बताया क‍ि इस साल की शुरुआत में हुआ भारत-ईएफटीए समझौता यूरोप के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। मोल्दोवा यूरोपीय संघ (ईयू) का सदस्य नहीं है, लेकिन यह ईयू का उम्मीदवार देश है और इसके यूरोपीय देशों के साथ कुछ विशेष संबंध हैं। इससे भारत और मोल्दोवा के बीच साझेदारी को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

उन्‍होंने कहा क‍ि भारत के अमृत काल यात्रा में अगले 25 वर्षों में जब भारत 2047 तक एक विकसित देश यानी विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, तब यूरोप एक महत्वपूर्ण साझेदार होगा और मोल्दोवा भी एक अहम भागीदार रहेगा। यही भारत और मोल्दोवा के साथ-साथ यूरोप के साथ हमारे संबंधों को मजबूत करने की दिशा में पिछले कई वर्षों से चल रहे प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।