अमरावती, 20 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को दो पृष्ठ का खुला पत्र लिखा है। उन्होंने संसद सत्र के दौरान आंध्र प्रदेश के किसानों की कठिनाइयों का मुद्दा सांसदों से उठाने की मांग की।
रेड्डी ने कहा कि किसानों की दुर्दशा को देखकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह पत्र लिखा है। उन्होंने गठबंधन सरकार के समक्ष नौ प्रमुख मांगें रखी हैं।
अपनी मागों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद को 30 लाख मत्स्यपालक किसानों की आजीविका और समुद्री खाद्य निर्यात पर इसके प्रभाव पर चर्चा करनी चाहिए। केंद्र सरकार को झींगा के चारे पर प्रति टन 30,000 रुपए के अतिरिक्त बोझ को वहन करने के लिए तुरंत 100 करोड़ रुपए का कोष बनाना चाहिए।
राज्य सरकार को केंद्र सरकार पर दबाव डालना चाहिए कि वह आंध्र प्रदेश के मत्स्य पालन निर्यात पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए 30 प्रतिशत शुल्क को शून्य कर दे।
उन्होंने कहा कि संसद को राज्य में तंबाकू किसानों की समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए और उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। केंद्र सरकार को किसानों के पास पड़े 23 करोड़ किलोग्राम तंबाकू की खरीद करनी चाहिए। केंद्र सरकार को मक्का और अन्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और बाजार मूल्य के बीच के अंतर के लिए किसानों को पूर्ण मुआवजा देना चाहिए। केंद्र सरकार को आंध्र प्रदेश के किसानों द्वारा उगाए गए आमों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित करना चाहिए और खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को प्याज, टमाटर और अन्य बागवानी फसलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक विशेष कोष बनाना चाहिए। राज्य की आर्थिक स्थिति और केंद्र सरकार के साथ गठबंधन को देखते हुए, राज्य सरकार को केंद्र सरकार पर किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दबाव डालना चाहिए।

