Tuesday, July 21, 2026
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बेअदबी मामलों में सुखबीर बादल बच नहीं सकते, एसआईटी जांच में करें सहयोग: हरपाल सिंह चीमा

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चंडीगढ़, 20 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और संसद के मानसून सत्र को लेकर विपक्ष और भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि बेअदबी मामलों की जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब और पूरा देश जानता है कि जब राज्य में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की सरकार थी, उसी दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं हुई थीं। आम आदमी पार्टी सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट’ बनाया है, जबकि पुराने बेअदबी मामलों की जांच अभी भी जारी है। उस समय सुखबीर सिंह बादल पंजाब के गृह मंत्री थे और उन्हें पूरी जानकारी थी कि बेअदबी की घटनाएं कैसे हुईं और बाद में दो युवकों की मौत कैसे हुई। अब जब एसआईटी उन्हें पूछताछ के लिए बुला रही है, तो वह जांच में सहयोग करने के बजाय कानून के कामकाज में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल ने अधिकारियों को डराने और दबाव बनाने का प्रयास किया है। यदि कोई व्यक्ति अपनी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है और जांच प्रक्रिया में बाधा डालता है तो न्यायिक अधिकारी इस पर संज्ञान ले सकते हैं। सुखबीर बादल को एक जिम्मेदार नागरिक की तरह जांच में सहयोग करना चाहिए। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल एसआईटी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को डराने-धमकाने और कानूनी प्रक्रिया में व्यवधान डालने की कोशिश की जा रही है, जो कानून के शासन के खिलाफ है।

पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान पर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की सत्ता पाने की भूख कभी खत्म नहीं होती। कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का पंजाब की जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार जनता की सेवा कर रही है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भगवंत मान दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे।

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चीमा ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में नीट समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। जब छात्र न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री इस पूरे मुद्दे पर चुप हैं, जबकि छात्रों के भविष्य का सवाल सबसे महत्वपूर्ण है। भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है और लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।

संसद के मानसून सत्र और संभावित विधेयकों पर आम आदमी पार्टी की रणनीति को लेकर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सांसद संसद में आम जनता और राज्यों के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि संसद में आने वाले प्रत्येक विधेयक पर आम आदमी पार्टी अपना स्पष्ट पक्ष रखेगी और देश व राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी राय प्रस्तुत करेगी। पार्टी का उद्देश्य संसद के भीतर जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाना है।